ईरान-अमेरिका, इजरायल युद्ध के मौके का पूरा फायदा उठाने का काम चल रहा है। किराना सामग्री में भी सिंडीकेट बनाकर दाम बढ़ाने का खेल किया जा रहा है।

रायपुर। ईरान-अमेरिका, इजरायल युद्ध के मौके का पूरा फायदा उठाने का काम चल रहा है। किराना सामग्री में भी सिंडीकेट बनाकर दाम बढ़ाने का खेल किया जा रहा है। अब तो एक लीटर के स्थान पर कंपनियां अपनी मर्जी से वजन कम करके खाद्य तेलों के दाम ज्यादा वसूल रही हैं। इसका फायदा छोटे से लेकर बड़े कारोबारी भी उठा रहे हैं। एक माह के अंदर ही सोयाबीन और राइसब्रान तेलों के दाम 30 रुपए तक बढ़ा दिए गए हैं। इसी के साथ 15 किलो के टिन के दाम भी चार से पांच सौ रुपए तक दाम बढ़ा दिए गए हैं।

लंबे समय से महंगाई थमने का नाम नहीं ले रही है। कभी कोई सामान तो कभी कोई सामान महंगा हो जाता है। कई बार दाम बढ़ने के पीछे कारण भी रहता है, लेकिन ज्यादातर मौकों पर सिंडीकेट बनाकर ही दाम बढ़ाने का काम किया जाता है। खाद्य तेलों में लंबे समय से राहत थी, लेकिन अब इसके दाम भी बढ़ गए हैं। इसके पीछे का कारण भले युद्ध को बताया जा रहा है, लेकिन इसके दाम में लगातार खेल हो रहा है। एक ही माह में तीन बार दाम बढ़े हैं।

कम वजन में ऐसा खेल
खाद्य तेलों में पहले सभी कंपनियों के एक लीटर के ही पैक आते थे, लेकिन सरकार से छूट मिलने के बाद इसकी पैकिंग अब अलग-अलग कंपनियां अपनी मर्जी से कर रही हैं तो इसमें कीमत का खेल हो रहा है। कम वजन के कारण दाम ज्यादा देने पड़ रहे हैं। एक तो दाम पहले ही ज्यादा वसूले जा रहे हैं। एक उदाहरण हरेली तेल का ही लेते हैं। इस तेल के दाम हमेशा कीर्ति गोल्ड के सोया तेल से कम से कम पांच रुपए कम रहते हैं, लेकिन अब इसके दाम उससे ज्यादा हो गए हैं। इसके पीछे वजन का खेल है। हरेली ने अब एक लीटर का पैक ही इस माह से बंद कर दिया है। अब 730 ग्राम यानी 800 एमएल का पैक लाया गया है। इसके चिल्हर में दाम 130 रुपए हैं। यानी एक लीटर के दाम हो गए 162.50 रुपए। इतने दाम तो कीर्ति गोल्ड के भी नहीं हैं। कीर्ति गोल्ड एक लीटर का इस समय चिल्हर में 155 से 160 रुपए बिक रहा है। ज्यादातर कंपनियों ने अपने एक लीटर के पैक को कम वजन का कर दिया है तो उसके दाम बढ़ गए हैं। सोया का फार्च्यून 840 एमएल का आ रहा है। इसके दाम थोक में 142-43 रुपए और चिल्हर में 150 रुपए है। इसके एक लीटर के दाम का हिसाब किया जाए तो यह 175 रुपए का पड़ रहा है। सनफ्लॉवर का 800 एमएल का पैक थोक में 163 और चिल्हर में 170 रुपए का मिल रहा है, यानी इसका एक लीटर का पैक 212.50 रुपए का पड़ेगा। यह तेल तो फल्ली तेल से भी महंगा हो गया है। फल्ली तेल इस समय चिल्हर मे 190 रुपए में मिल रहा है।

130 वाला तेल अब 160 रुपए
एक माह पहले फरवरी में जिन तेलों के दाम चिल्हर में 128 से 130 रुपए थे, उनके दाम आज चिल्हर में 160 रुपए हो गए है। हरेली तेल जहां 162.50 रुपए हो गया है, वहीं कीर्ति गोल्ड के दाम भी 160 रुपए हो गए हैं। इसके दाम और बढ़ने की संभावना है। कीर्ति गोल्ड का 15 किलो वाला टिन थोक में 2160 से 2520 रुपए किया गया था। चिल्हर में यह 2600 से 2650 रुपए में बिक रहा है। एक दिन पहले इसके दाम 2500 सौ रुपए थे। एक ही दिन में इसके दाम 150 रुपए बढ़ा दिए गए हैं। सोया और राइसबान तेलों के ही दाम बढ़े हैं, क्योंकि इनका उपयोग ही घरों के साथ रेस्टोरेंट और होटलों में ज्यादा होता है।