धमतरी में स्कूली बच्चों ने तीज पर्व पर एक पेड़ तिजहारिन के नाम कार्यक्रम की पहल की है। इस दौरान तिजहारिनों ने मायके में नारियल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का सन्देश दिया।

धमतरी। छत्तीसगढ़ में पूरे धूमधाम से तीजा का पर्व मनाया जा रहा है। इसी बीच धमतरी जिले के शासकीय माध्यमिक विद्यालय  के बच्चों ने एक अनोखा [फल किया है। एक पेड़ तिजहारिन के नाम पर पहल शुरू किया गया है। जिसमें बच्चों ने तीजा पर्व में घर आई बुआ और बहनों के साथ मिलकर नारियल का पौधा घरों में लगाया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण का सन्देश देता है।

दरअसल शासकीय माध्यमिक विद्यालय लुगे मगरलोड के बच्चों ने तीज पर्व में विशेष पहल किया है। बच्चों का कहना है कि जब बुआ और दीदी तीज़ा के मौके पर आती है, तो घर में खुशियों का माहौल रहता है। सुख और शांति इस लिए साथ में मिलकर नारियल का पौधा लगाए।

 सराहनीय पहल- शिक्षिका 

विद्यालय की शिक्षिका रंजीता साहू ने बच्चों के इस अनोखे पहल की जमकर तरफ की। उन्होंने कहा की बुआ, बहनों ने पूजा अर्चना कर नारियल के पौधे को मायके में बच्चों के साथ लगाए हैं। जो पारिवारिक एकता, पर्यावरण संरक्षण का सुंदर सन्देश देता है। साथ ही संस्कृति और संस्कार, भाई बहनों का प्रेम और बच्चों का अपने बुआ के प्रति आदर की प्रेरणा दे रही है।

बच्चों ने तीजहारिनों के साथ लगाया नारियल का पौधा

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समृद्ध होगा पर्यावरण 

शिक्षक ने बताया की अगर सभी माताएं यह ठान लेगी की वे अपने मायके में एक पेड़ लगाए तो धीरे धीरे पूरा गांव समृद्धि की ओर अग्रसर होगा। साथ ही उन्होंने कहा की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और समृद्धि का संदेश है यह छोटा सा प्रयास है। मुझे पूरा विश्वास है, की आने वाले समय में दीदी बहन और बच्चें मिलकर अपने मायके को स्वर्ग बनाएंगे। इसलिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।