रायपुर। पुरानी बीमारी अथवा चोट से मिले ना जाने वाले दर्द से अब जिला अस्पताल में छुटकारा दिलाया जा रहा है। राज्य में पहली बार किसी जिला अस्पताल में संचालित पेन क्लीनिक में निश्चेतना एवं दर्द निवारक चिकित्सा के विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति हुई है। मेडिकल एवं इंटरवेशन प्रक्रिया से अभी मरीजों का इलाज किया जा रहा है और आने वाले दिनों में इसमें इस्तेमाल होने वाली आधुनिक सुविधा भी जुटाई जाएगी।
अब तक चिकित्सा महाविद्यालय अथवा निजी अस्पताल में इस तरह की सुविधा मरीजों को दी जाती थी। पहली बार जिला अस्पताल पंडरी में पुरानी पीड़ा सह रहे मरीजों को दर्द निवारक चिकित्सा विभाग द्वारा राहत देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए विभाग में निश्चेतना विशेषज्ञ के रूप में डॉ. पलक चावड़ा की नियुक्ति की गई है। ऑपरेशन थियेटर के सामने संचालित होने वाले इस पेन क्लीनिक में इलाज के माध्यम से कई मरीजों को राहत मिली है।
दैनिक जीवन को प्रभावित करता है
डॉक्टरों के मुताबिक, जब कोई दर्द 3 महीने या उससे अधिक समय तक बना रहता है, तो उसे क्रॉनिक पेन कहा जाता है। यह दर्द किसी चोट, बीमारी, या बिना किसी स्पष्ट कारण के भी हो सकता है। सामान्य प्रकारों में पीठ दर्द, गठिया, माइग्रेन और नसों का दर्द शामिल हैं। क्रॉनिक पेन से पीड़ित व्यक्ति अक्सर थकान, नींद की कमी, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं का सामना करता है। कई बार यह दर्द व्यक्ति की कार्यक्षमता को कम कर देता है और उसके दैनिक जीवन को प्रभावित करता है।
इन कारणों से होता है क्रानिक पेन
डॉ. पलक चावड़ा ने बताया कि क्रानिक पेन की समस्या अक्सर उन्हें होती है जिन्हें पुरानी चोट, गठिया या पुरानी बीमारी, नसों की क्षति, मानसिक अवसाद, गलत जीवनशैली जैसे कारणों से भी होता है। इसका इलाज दवाओं के साथ नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, चिकित्सकीय प्रक्रिया यानी दर्द प्रबंधन क्लीनिक की मदद से होता है। उनके मुताबिक अक्सर लोग लंबे समय तक दर्द को नजर अंदाज करते हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है।
जुटाई जाएगी अन्य सुविधा
पंडरी जिला अस्पताल डॉ. चंद्रा राव, सिविल सर्जन ने बताया कि, क्रानिक पेन से पीड़ित ऐसे मरीज जिन्हें अन्य प्रक्रियाओं से राहत नहीं मिलता है ऐसे लोगों का यहां इलाज किया जाएगा। अक्सर हड्डियों से संबंधित बीमारी के मरीज इस तरह की दिक्कतों से जूझते हैं। अभी मेडिकल और इंटरवेशन के माध्यम से इलाज किया जा रहा है, आने वाले दिनों में आवश्यकता के मुताबिक अन्य सुविधा जुटाई जाएगी।
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