शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती छत्तीसगढ़ में तीन दिन रहेंगे।18 मार्च को वाराणसी के लिए प्रस्थान करेंगे।

रायपुर। पहले भी को माता का संबोधन जरूरी है और इसके बाद अन्य योजनाओं पर बात करनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में गौधाम योजना पशुपालन का हिस्सा है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि विधानसभा में धर्मांतरण पर विधेयक लाया जा रहा है, अगर इस पर कानून बनता है तो हम बाजा बजाकर इसका स्वागत करेंगे। तीन दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चार राज्यों समेत एक केंद्रशासित राज्य के चुनाव के ऐलान पर विमानतल पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि हम किसी पार्टी का समर्थन नहीं करते। हमें सिर्फ यह देखना होगा कि कोई गौ घाती सरकार न बना पाए। इसके लिए राज्यों में आवाज उठानी पड़ेगी। 

उन्होंने कहा कि,  पिछली सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया था, जिसे भाजपा सरकार ने कैंसिल कर दिया। छत्तीसगढ़ सरकार गौधाम योजना चला रही है, मगर गौ को माता कहने से परहेज कर रही है। उन्होंने कहा, धर्मांतरण पर कानून आया तो उसका स्वागत किया जाएगा, मगर पहले यह बने तो..। उन्होंने छत्तीसगढ़ी में कहा कि 'जेन सरकार गौ माई लमाई कहि के नई बलाय सकय, ओ सरकार ल हिंदू कहे बर | मुस्किल हे'।

तीन दिन रहेंगे राज्य में
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती छत्तीसगढ़ में तीन दिन रहेंगे। इस दौरान वे लक्षेश्वर धाम सलधा बेमेतरा में नवनिर्मित सवा लाख शिवलिंग मंदिर का निरीक्षण कर कार्य में लगे सभी कर्मचारियों का मार्गदर्शन करेंगे। 18 मार्च को वाराणसी के लिए प्रस्थान करेंगे।