सूरजपुर जिले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की कमरे के अंदर सिगड़ी में कोयला जला कर सोने से मौत हो गई। जिसमें पति-पत्नी और 3 साल की बच्ची शामिल है।

नौशाद अहमद- सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर के चंदरपुर गांव में एक बड़ी दुःखद घटना सामने आ रही है। जहां जहरीले गैस रिसाव से एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई है। दरअसल, चन्दरपुर का रहने वाला कवल सिंह के परिवार ने सोचा भी नही होगा कि, यह रात उनके लिये आखिरी होगी। 

मिली जानकारी के अनुसार, रोजाना की तरह खाना खा कर कवल अपनी पत्नी कुन्ती और 3 वर्षीय मासूम ममता के साथ प्रधानमंत्री आवास के एक कमरे में सो रहा था। घर के बाकी अन्य लोग उसके दो बच्चों के साथ दूसरे कमरे में सोए हुए थे। परिवार ने ठंड से बचाव और कमरे को गर्म रखने के लिए सिगड़ी पर कोयला जलाया था। जिसके बाद जब सुबह घर के लोगो ने परिवार को उठाने की कोशिश की और जब दरवाजा तोड़ के अंदर गए तो देखा तीनो की मौत हो चुकी थी। 

मकान में नहीं थी वेंटिलेशन की व्यवस्था
इस घटना से जहां पूरे गांव में मातम का माहौल है, वहीं इस घटना में प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आई है। जहां प्रधानमंत्री आवास के तहत बने इस पक्के मकान में एक भी वेंटिलेशन की व्यवस्था नही थी, जिस कारण जहरीला गैस कमरे से बाहर नही निकल सका और आशंका है कि, उसी कारण से तीनों की मौत हुई होगी। बहरहाल मोके पर कोतवाली पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है। 

मुआवजे की कर रहे मांग
इस घटना से दो बाते सामने निकल आ रही है। एक तो गाँव के लोग आज भी जागरूक नही हो सके है। लगातार इस तरह की घटना देखने और सुनने को मिलती है और दूसरा जिस तरह से प्रधानमंत्री आवास योजना के घर बन रहे है। उससे भविष्य में इस तरह की घटना फिर जागरूकता की कमी से घट सकती है। वहीं पूर्व सभापति पंकज तिवारी ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। जिससे उनके दो मासूम बच्चे हैं, उनकी परवरिश अच्छे से हो सके।

वाट्सएप स्टेटस लगाकर पति- पत्नी ने दी जान
वहीं 16 फरवरी को जांजगीर जिले के धरदेई गांव में बेटे की मौत के बाद पति-पत्नी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने वाट्सएप स्टेटस में लिखा कि, बेटे के बाद अब वे भी अब दुनिया से जा रहे हैं। पति-पत्नी के फांसी लगाने की घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

फंदे पर झूलते दिखाई दिए दंपति 
मिली जानकारी के अनुसार, रमाबाई पटेल और उनके पति कृष्णा पटेल घर में फांसी के फंदे पर लटके मिले। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर आसपास के लोगों को संदेह हुआ। ग्रामीणों ने भीतर झांककर देखा तो दंपति फांसी के फंदे पर झूलते दिखाई दिए। जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

सालभर पहले हुई थी बेटे की मौत 
परिवार के सदस्यों के अनुसार, सालभर पहले ही उनके इकलौते बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। जवान बेटे की मौत के बाद से दोनों गहरे सदमे में थे। बेटे के मौत के बाद से वे मानसिक रूप से काफी व्यथित दिखाई रहे थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि, मानसिक आघात के चलते उन्होंने जानलेवा कदम उठाया। दोनों की मौत के बाद से पूरे गांव में शोक का वातावरण है।

एसपी ने दी मामले की जानकारी 
वहीं इस पूरे मामले को लेकर एसपी विजय कुमार पांडेय ने कहा कि, सालभर पहले सड़क दुर्घटना में उनके इकलौत बेटे की मौत हो गई थी। इसी बात को लेकर वे दोनों तनाव में रहते थे। मृतकों ने सुसाइड करने पहले वॉट्सएप स्टेट्स में लिखा कि, वे भी अब इस दुनिया से जा रहें हैं। पुलिस ने पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में मर्ग कायम कर हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।