CRPF की 212वीं बटालियन ने येटापका में मुफ्त चिकित्सा और ब्लड डोनेशन कैम्प लगाया। सुकमा के पैडागुडम और किस्ताराम में ग्रामीणों को जरूरी सामान का वितरण।

लीलाधर राठी- सुकमा। सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकार निभाते हुए सीआरपीएफ की 212वीं बटालियन ने आंध्रप्रदेश के अल्लूरी सीतारामा राजू जिले में मुफ्त चिकित्सा शिविर और ब्लड डोनेशन कैम्प का आयोजन किया। वहीं सुकमा जिले के पैडागुडम और किस्ताराम क्षेत्र में सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत ग्रामीणों को जरूरतमंद सामग्री वितरित कर लोगों की मदद की गई।

212 बटालियन, सीआरपीएफ मुख्यालय येटापका, नीलिपाका (जिला अल्लूरी सीतारामा राजू) में 11 मार्च 2026 को मुफ्त चिकित्सा कैम्प और ब्लड डोनेशन कैम्प का आयोजन किया गया। इस दौरान कमांडेंट दीपक डब्ल्यूडब्ल्यू श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमित सैगल (एसजी/कमांडेंट), द्वितीय कमान अधिकारी दिनेश कुमार, उप कमांडेंट अजय प्रताप सिंह, डॉ. गोपाल (राजकीय अस्पताल) सहित कई अधिकारी व जवान मौजूद रहे।बीमारियों से बचाव, संतुलित खान-पान जैसे कई मुद्दों पर जानकारी
शिविर में डॉ. सुमित सैगल और डॉ. गोपाल ने जवानों और उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, बीमारियों से बचाव, संतुलित खान-पान और साफ-सफाई के महत्व के बारे में जानकारी दी। साथ ही बटालियन के अधिकारियों, जवानों, उनके परिवारों और आसपास के नागरिकों का ब्लड प्रेशर, शुगर और वजन की मुफ्त जांच की गई तथा आवश्यक दवाइयों का वितरण भी किया गया।

स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता का संदेश
ब्लड डोनेशन कैम्प के दौरान जवानों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया और बताया गया कि, रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित है और इससे जरूरतमंद लोगों की जान बचाई जा सकती है। इस अवसर पर कुल 37 अधिकारियों और जवानों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता का संदेश दिया।

ये सामान किया गया वितरित 
इसके अलावा 212वीं बटालियन की सी/212 समवाय पैडागुडम और ई/212 समवाय किस्ताराम में सिविक एक्शन प्रोग्राम का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम के तहत द्वितीय कमान अधिकारी दिनेश कुमार ने जरूरतमंद ग्रामीणों को कम्बल, स्टील थाली-गिलास, पतीला, फावड़ा, कुल्हाड़ी, गैंती, साड़ी, चप्पल, मच्छरदानी, स्कूल बैग, स्कूल यूनिफॉर्म, स्टेशनरी, सोलर लैम्प, सोलर स्ट्रीट लाइट सहित खेल सामग्री जैसे क्रिकेट बैट, क्रिकेट बॉल और फुटबॉल का वितरण किया। कार्यक्रम के माध्यम से सीआरपीएफ ने सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके साथ विश्वास व सहयोग का संदेश दिया।