कांकेर। कांकेर जिले के घने जंगलों में इन दिनों सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच एक अलग ही रणनीतिक उटापटक चल रही है। यह लड़ाई गोलीबारी की नहीं, बल्कि समर्पण की है। कांकेर जिला में सक्रिय परतापुर एरिया कमेटी एवं कंपनी नंबर 05 के 18 सक्रिय नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए तैयार करने में जुटा है, लेकिन लगातार प्रयासों के बावजूद अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है। समय तेजी से बीत रहा है और डेडलाइन के लिए अब महज 13 दिन ही शेष रह गए हैं, जिससे संबंधितों की चिंता भी बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, कांकेर जिले में सक्रिय परतापुर एरिया कमेटी और कंपनी नंबर 05 में 20 नक्सली है, इनमें से दो नक्सली मंगेश परचापी और उसकी पत्नी मनीषा हाल ही में आरकेबी डिवीजन की ओर निकल गए थे। दोनों नक्सली आरकेबी डिवीजन की नक्सली सदस्य हिड़मे के साथ कोहकाटोला क्षेत्र में एक लाड़ी में रुके हुए थे। इसकी जानकारी जिला मानपुर पुलिस को मिली। मानपुर के पुलिस अधीक्षक वायपी सिंह ने एक टीम रवाना किया। वहीं कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेखा ने भी एक टीम रवाना किया था। तीनों नक्सलियों का फोर्स के आने की आहट मिलते ही नक्सली हड़ड़ाते हुए अपने हथियार और सामान छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। दोनो जिलों की पुलिस इन तीनों नक्सलियों का मूवमेंट अब किधर है, उसकी तलाश करने में लगी हुई है। मंगेश और मनीषा के इस तरह भाग निकलने के बाद कांकेर जिला में सक्रिय परतापुर एरिया कमेटी और कंपनी नंबर 05 के शेष 18 नक्सलियों के कांकेर और अबूझमाड़ के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में छिपे होने की चर्चाएं चल रही है।
समर्पण के लिए पुलिस की 18 पर नजर
कांकेर जिले में सक्रिय 18 नक्सलियों परतापुर एरिया कमेटी से चंदर, रूपी, कुमारी माली, मंगलू पढ्दा, राधिका, जिला मरकाम, को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से तीन अलग-अलग टीमें सक्रिय है। इनमें एक टीम जगदलपुर से, दूसरी नारायणपुर से और तीसरी स्थानीय स्तर के लोग शामिल है। यह सभी टीमें लगातार अंदरूनी जंगलों में सक्रिय हैं और संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रही है। यह कयास लगाए जा रहे है कि यदि एक-दो दिन में कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिलता है, तो सुरक्षा बल फिर से सर्च ऑपरेशन तेज कर सकते हैं।








