नक्सलियों ने कांकेर, कोण्डागांव, बस्तर जिले में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया था। इन हमलों में 175 वीर जवानों ने नक्सलवाद के खात्मे व देश के लिए अपनी सांसें कुर्बान कर दीं।

राजेश दास-  जगदलपुर। पिछले तीन दशक में नक्सलियों ने कांकेर, कोण्डागांव व बस्तर जिले में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया था। इन हमलों में 175 वीर जवानों ने नक्सलवाद के खात्मे व देश के लिए अपनी सांसें कुर्बान कर दीं। तीन जिलों में बस्तर के झीरम घाटी में हमला, कोण्डागांव के विश्रामपुरी थाना में हमला व कांकेर के पखांजूर में नक्सलियों ने दिया था बड़ी घटना को अंजाम। इन हमलों में कई अधिकारी व जवानों ने अपनी शहादत दी। राजनांदगांव व नारायणपुर के बाद तीसरी कहानी इन्हीं तीन जिलों की है। इनमें दो जिले कोण्डागांव व बस्तर को लगभग साल भर पहले नक्सलमुक्त घोषित कर दिया गया था लेकिन कांकेर में अब भी गिनती के नक्सली बचे हुए है जिन्हें 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। समर्पण नहीं करने पर इन्हें मार दिया जाएगा।

बस्तर रेंज के अंतर्गत आने वाले कोंडागांव, बस्तर और कांकेर जिलों में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए शहादत देने वाले 175 वीर जवानों में 125 स्थानीय पुलिस बल तथा 50 केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल (सीआरपीएफ) के कर्मी शामिल हैं। कोंडागांव जिले में 40, बस्तर जिले में 41 तथा कांकेर जिले में 94 जवानों की शहादत इस संघर्ष की गंभीरता और सुरक्षा बलों के समर्पण को दर्शाती है। 

कोण्डागांव जिले के विश्रामपुरी थाना व गोलावण्ड में ईवीएम लूटने किया था बड़ा हमला 
25 नवम्बर 2008 को कोयलीयेड़ा, केशकाल, माड़, वारदा, धुरघाट, किसकोड़ो, कोरर एलओएस के करीब 100 की संख्या में नक्सलियों ने सुमो, छोटी कार, बाईक से आकर बम ब्लास्ट और अंधाधुंध फायरिंग कर थाना विश्रामपुरी में हमला किया गया। नक्सलियों द्वारा थाना भवन के रिकार्ड को जलाकर क्षति पहुंचाया गया। इस हमले में एएसआई शोभाराम साहू, प्रधान आरक्षक मुरलीधर तिवारी व शिवकुमार शर्मा शहीद हो गए थे।

शहीद जवान बस्तर 
नक्सल साम्राज्य को समाप्त करने में बीते 35 वर्ष में सैकड़ों जवानों ने देश के लिए अपनी शहादत दी। बस्तर जिले मे इन वर्षों में शहीद हुए जवानों में जिला बल के लैखन सेठिया, डिगेश्वर शांडिल्य, अनंत राम नाग, निरीक्षक महेंद्र ध्रुव, उमेश कुमार कुंजाम, चैतराम ठाकुर, उमेश ठाकुर, नरेंद्र कुमार साहू, निरलेश कुमार ठाकुर, इमानुएल केरकेट्टा, पात्रिक खलखो, चंद्रहास ध्रुव, राहुल प्रताप सिंह, पवन कोंड्रा, तरुण देशमुख, दीपक उपाध्याय, अशोक कुमार, प्रफुल्ल शुक्ला, सियाराम, लव कुमार भगत, कृष्णपाल सिंह, मनारूराम बेंजाम, बेंजामी हांदो, जलनू पोडियामी, भीमा कवासी, सन्नू सोढ़ी, बुधराम कवासी व नेवरू राम बेंजाम के अलावा सीआरपीएफ के डिप्टी कमाण्डेंट दिवाकर महापात्र के अलावा सुनीलदेव वर्मा, एलके कोरा, नवीन झा, विवेक कुमार यादव, दिलीप चतरौली, धर्मेश्वर नाथ, प्रवीण पी, इसपेक्टर एनके राय, जे कांतिभाई, एम ओबालेसु, सीताराम व धीरज कुमार सिंग शामिल है।

शहीद जवान जिला कोण्डागांव 
कोण्डागांव जिले में शहीद हुए जिला बल सब इंसपेक्टर इल्फोर टोप्पो व प्लाटून कमाण्डर दयाशंकर वाजपेयी के अलावा ददोली प्रसाद, रामेश्वर, तुलाराम, सुखचंद साहू, राजेन्द्र नायक, अखिलेश सरोज, धनराज ध्रुव, शिव प्रकाश नेताम, खिलावन कोकिला, ललित दीवान, खगेन्द्र कश्यप, रूपधर सोरी, सुन्दर नेताम, अनिल कुमार देंवागन, शोभाराम साहू, मुरलीधर तिवारी, शिवकुमार शर्मा, श्रीराम कोरोम, महिपाल चौहान, लक्ष्मी नारायण राठिया, हीरालाल नेताम, अलफुन्स एक्का, गणेश राम नेताम, सुरेश शोरी, सुखलाल दीवान, नेल्सन मिंज, कमल यादव, रतनलाल नेताम, अफजल खान, लखेश वैद्य, संजय कुमार मण्डावी, प्रेमकुमार प्रजापति, पुष्पराज सिंह, रामप्रसाद नेताम, जितेन्द्र चतुर्वेदी, कृष्णनाथ किण्डो व दिनेश सिंह मण्डावी शामिल है।

वीर शहीदों का साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा हमारी प्रेरणा 
बस्तर आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने बताया कि, कोंडागांव, बस्तर और कांकेर जिलों में शांति, सुरक्षा और विकास की स्थापना के लिए सुरक्षा बलों के वीर जवानों ने दुर्गम जंगलों, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और निरंतर चुनौतियों के बीच अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया है। इन वीर शहीदों की शहादत बस्तर अंचल में स्थायी शांति, जनविश्वास और विकास की मजबूत नींव है। वीर जवानों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा ने क्षेत्र के आम नागरिकों के जीवन में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कोंडागांव, बस्तर और कांकेर की धरती इन अमर बलिदानों की साक्षी है जिन्होंने हिंसा और भय के स्थान पर शांति और प्रगति की नई राह प्रशस्त की है। शहीदों का यह सर्वोच्च त्याग आने वाली पीढ़यों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि उनके यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि उनके बलिदान को स्मरण रखते हुए क्षेत्र में शांति, विकास और जनकल्याण के प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाया जाए।

बस्तर के झीरमघाटी व नेतानार हमले में नेताओं के अलावा दरभा थानेदार व जवानों ने दी थी शहादत
नक्सलियों ने 25 मई 2013 को दरमा थाना क्षेत्र के झीरमघाटी में एक बड़ा हमला किया था। कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा दल सुकमा से जगदलपुर आ रही थी। परिवर्तन यात्रा टीम जैसे ही झीरम घाट पहुंची तभी पहले से सड़क के दोनों ओर घात लगाए नक्सलियों ने अधांधुध फायरिंग एवं बम ब्लास्ट किया। इस हमले में काग्रेंस पार्टी के 17 नेताओं की मृत्यु हुई थी वहीं 10 पुलिस कर्मी शहीद हुए वहीं। 26 जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता तथा 9 पुलिस कर्मी घायल हुए थे।

कांकेर जिले के पखांजूर थाना क्षेत्र में बड़ा हमला
26 अप्रेल 2007 को ग्राम मुस्की एंव मिचगांव मोड़ में नक्सलियों ने घटना को अंजाम दिया था। पुलिस पार्टी कानून व्यवस्था ड्यूटी के लिए बस में पखांजूर रवाना हुई थी। पुलिस पार्टी को वापसी के दौरान हत्या करने की नीयत से नक्सलियों द्वारा बस में लैंडमाईन विस्फोट कर अंधाधुंध फायरिंग की गई। उक्त घटना में एएसआई नजीर बख्श समेत 5 जवान शहीद हो गये जबकि 18 जवान घायल हो गये थे। एक अन्य घटना 14 जनवरी 2009 को नक्सलियों ने पीव्ही 34 एवं पंचागी के बीच को दिया। मकर संक्राति मेला पखांजूर मे वीआईपी के प्रवास को देखते हुए रोड ओपनिंग, एरियां डॉमिनेशन के लिए रवाना हुई थी।। इसी दौरान पुलिस पार्टी पर हत्या करने की नियत से फायरिंग किया गया। उक्त घटना में जिला बल के प्रधान आरक्षक तुलसी राम कोरोम आरक्षक रघुराज कुशवाह शहीद हो गए। घटना को अंजाम देने के बाद नक्सली शहीद जवानों के हथियार लूटकर ले गये इसके साथ ही एक महिला आरक्षक का हथियार के साथ अपहरण कर ले गए। इसके अलावा नक्सलियों ने आगजनी करते हुए तीन बाईक को भी आग के हवाले कर दिया था।

2011 में नेतनार में थानेदार समेत 6 शहीद
21 अक्टूबर 2011 को ग्राम नेतानार वन विभाग के शासकीय भवन (पर्यटन रिसार्ट) में नक्सलियों द्वारा तोड़फोड़ किए जाने की सूचना पर दरभा थाना से निरीक्षक महेन्द्र सिंह ध्रुव के साथ 16 जवान मोटर सायकिल से ग्राम नेतानार रवाना हुए थे। वापसी के दौरान नेतानार में स्थित फारेस्ट चेक पोस्ट् से करीब 200 मीटर की दूरी पर नक्सलियों द्वारा बम विस्फोट कर फायरिंग की गई इस हमले में थानेदार समेत 6 जवान शहीद हो गए तथा 3 जवान घायल हो गए थे।

शहीद जवान कांकेर
कांकेर जिले में शहीद हुए जवानों में सीआरपीएफ के बृज किशोर शर्मा, चन्द्रेश सिंह, श्याम लाल, बीनम फोम, प्रेमजीत, प्रसेजीत, अनूप जी नायर, देवीदास गवाड़े, धमेन्द्र राय, सतेन्दर यादव, गोविंद सिंह राठौर, मनोज कुमार सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, भीमा शंकर, आरूप रक्षित, सुरेश कुमार, कोईचुंग अर्थग आईमोल, सुमेर सिंह, राम बहाल, कुमुदा चंद्रा स्वान, अमनदीप रमेश चंद्रा, हरिकेश प्रसाद, विजय कुमार, राकेश नेहरा, गजेन्द्र सिंह, अमरेश कुमार सिंह, विजया नंद नाईक, संतोष लक्ष्मण, लोकेन्द्र सिंह, मुख्तियार सिंह, महेन्द्र सिंह, विपुल बोरा, तुमेश्वर यादव, इशरार खान, रामाकृष्णा, प्रकाश चंद्र शैल, अखिलेश कुमार राय के अलावा जिला कुमार राय के अलावा जिला बल के राजेश कुमार पाण्डेय, रमेश कुमार साहू राम स्नेही, श्याम कुमार राठौर, हेमंत कुमार यादव, बृजलाल केमरो, सोमारूराम उसेंडी, बृजलाल ध्रुव, हलालराम हुपेडी, रंजीत साहू, खितिज मिस्त्री, नजीर बक्स, लोकेश साहू, कमलेश कंवर, देव प्रसाद दरों, आशा राम दुग्गे, अशोक पोटाई, राजेश मरकाम, श्याम लाल अम्बाले, सगराम सलाम, जयसिंह नेताम, अजय कुमार शर्मा, मनेराम नरेटी, बृजलाल तेता, तुलसी राम कोर्राम, रघुराज सिंह कुशवाह, चंद्रहास नेताम, अश्विन कुमार उइके, राजेश कुमार गुनेंद्र, हेमंत सोम, यशवंत साहू, महेंद्र कुमार साहू, टेमन सिंह ओटी, धर्मेंद्र साहू, संतोष नेताम, राधेश्याम नागवंशी, कौशल किशोर तिवारी, अमृत कुमार नेताम, कुंवर लाल नरेटी, रोहित उर्फ धनेश, विष्णु लेडिया, उमेंद्र कोमरा, शिवकुमार मंडावी, वासुदेव ध्रुव, अंजोर सिंह यादव, दिलीप सिन्हा, संतोष कुमार एक्का, अलीराम उसेंडी, श्याम लाल वड्डे, दुर्गुराम आंचला, अविनाश शर्मा, सोनूराम गावड़े, बैजू राम पोटाई, संत कुमार नेताम, मोहित पटेल, सुकलू दुग्गा व रमेश कोरेटी शामिल है।

कोंडागांव पेट्रोल बम, ग्रेनेट से हमला
कोण्डागांव जिले में एक अन्य बड़ी घटना 28 मई 2007 को नक्सलियों ने ग्राम पुगारपाल एवं कुदूर के बीच अंजाम दिया। पुलिस पार्टी गश्त, सर्चिग व साप्ताहिक बाजार प्रबंध के लिए ग्राम कुदूर जा रहे थे तभी ग्राम पुंगारपाल एवं कुदूर के बीच उहपाड़ पहाड़ी के पास नक्सलयों द्वारा पुलिस पार्टी पर पेट्रोल बम, वोनेट व रायफल से फायरिंग कर जान से मारने व हथियार लुटने की नियत से हमला किया गया। इस हमले में एएसआई राजेन्द्र नायक समेत 9 पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। कोण्डागांव जिले में एक और बड़ी घटना 25 नवम्बर 2008 को विधानसभा चुनाव में पुर्नमतदान केन्द्र नहकानार, तुमड़ीवाल व कुदुर की ओर पोलिंग पार्टी के साथ पुलिस बल, सीएएफ, एसटीएफ, सीआरपीएफ बल मतदान कराकर मर्दापाल से कोण्डागांव वापस आ रही थी तभी ढोलमुन्दरी एवं गोलावंड के बीच पुलिया में अज्ञात सशस्त्र वदीर्धारी नक्सलियों ने पुलिस बल को जाने से मारने एवं ईव्हीएम लूटने की नियत से बारूदी विस्फोट कर अंधाधुंध फायरिंग किया। इस हमले में 7 जवान शहीद हो गए थे।