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 प्रदेश के एकलौते कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विवि में अब बीएड की भी पढ़ाई होगी।

रायपुर। प्रदेश के एकलौते कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विवि में अब बीएड की भी पढ़ाई होगी।  इसके लिए विश्वविद्यालय ने नियामक संस्था अनुमति लेने तथा अन्य ऑर्डिनेंस तैयार कर लिया है। नियामक संस्था अनुमति लेने तथा अन्य प्रक्रिया पूर्ण करने के पश्चात उक्त पाठ्यक्रम में छात्रों के लिए दाखिले आरंभ कर दिए जाएंगे। सीट संख्या व अन्य चीजों का निर्धारण अभी अंतिम रूप से नहीं हो सका है। मंजूरी मिलने के बाद इन पाठ्यक्रमों में अध्ययन- अध्यापन के लिए फैकल्टी की भी नियुक्ति की जाएगी।

 गौरतलब है, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत शैक्षणिक संस्थानों को मल्टी डिस्पिलिनरी कैंपस बनाने का प्रावधान है। इसके अनुसार, सभी संकाय या सभी क्षेत्र के छात्रों को अन्य विषय अथवा अन्य पाठ्यक्रम पढ़ने की सुविधा भी प्राप्त होनी चाहिए। परंपरागत पाठ्यक्रमों का संचालन करने वाले विश्वविद्यालयों में भी इसे लेकर प्रयोग किए गए हैं। इसके अंतर्गत विज्ञान के छात्रों को कला-वाणिज्य के विषय तथा कला-वाणिज्य के छात्रों को विज्ञान के विषय पढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। इंजीनियरिंग संस्थानों में भी विकल्प के रूप में छात्रों को मानविकी विषय उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

एनईपी में प्रावधान
पत्रकारिता विवि के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने बताया कि, राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मल्टी डिसिप्लिनरी पाठ्यक्रम का प्रावधान है। बीएड पाठ्‌यक्रम संबंधित ऑर्डिनेस तैयार हो चुका है। चीजें अंतिम चरण में है।

वर्तमान में 450 विद्यार्थी
पत्रकारिता विवि प्रदेश के सबसे कम छात्र संख्या वाले विश्वविद्यालयों में शामिल हैं। वर्तमान में यहां यूटीडी में मात्र 450 विद्यार्थी ही अध्ययनरत हैं। अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में यह संख्या अत्यंत कम है। पत्रकारिता संबंधित डिपलोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रमों का संचालन किए जाने के बाद भी यहां छात्र संख्या में विशेष बढ़ोत्तरी बीते वर्षों में नहीं हो सकी है। पत्रकारिता पाठ्यक्रमों के प्रति छात्रों का रुझान भी पिछले कुछ वर्षों  छात्रों का रुझान भी पिछले कुछ वर्षों में तेजी से घटा है। इसके उलट शिक्षा आधारित बीएड, डीएलएड जैसे पाठ्यक्रमों में छात्रों की दिलचस्पी बढ़ी है और सीट से कई गुना आवेदन इनके लिए प्राप्त होते रहे हैं। यही कारण है कि छात्र संख्या बढ़ाने के लिए अब नए पाठ्यक्रम भी लॉन्च किए जाने की तैयारी है। पत्रकारिता विवि को 19 फरवरी को एक वर्ष के लंबे इंतजार के बाद नया कुलपति मिला है। लंबे समय से ठप पड़े प्रशासनिक व अकादमिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद अब विवि प्रबंधन कर रहा है।

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