RSS प्रमुख जन गोष्ठी में स्वप्निल कुलकर्णी ने राष्ट्र निर्माण, धर्म संरक्षण और भारत के ‘परम वैभव’ पर विचार रखे। जहां मुस्लिम ईसाई सहित अन्य समाजों के प्रमुख जनों ने भाग लिया।

राजनांदगांव। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राजनांदगांव में एक भव्य कार्यक्रम ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ का आयोजन किया गया। होटल राज इंपिरियल के सभागार में हुए इस कार्यक्रम में मध्य क्षेत्र प्रचारक स्वप्निल कुलकर्णी मुख्य वक्ता रहे। मंच पर विभाग संघ चालक राजेश ताम्रकार और जिला संघ चालक राधेश्याम शर्मा भी मौजूद थे।

भारत को 'परम वैभव' की ओर ले जाना है संघ का लक्ष्य
अपने विस्तृत संबोधन में स्वप्निल कुलकर्णी ने कहा कि, संघ का मूल उद्देश्य भारत को 'परम वैभव' के शिखर पर ले जाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परम वैभव का अर्थ केवल शक्ति या साम्राज्यवादी दृष्टिकोण नहीं है, बल्कि भारत को दुनिया का सबसे आदर्श राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत को बड़ा बनाना है, लेकिन अपनी पहचान और ‘भारतत्व’ बनाए रखते हुए ही यह संभव हो सकेगा।

धर्म संरक्षण ही समर्थ राष्ट्र की नींव
स्वप्निल जी ने संघ के गीतों और प्रार्थना का संदर्भ देते हुए कहा कि, राष्ट्र को शिखर पर ले जाने की पहली शर्त ‘धर्म का संरक्षण’ है। उन्होंने धर्म को केवल पूजा-पद्धति न मानकर इसे भारतीय जीवन मूल्यों और शाश्वत सिद्धांतों का संग्रह बताया, जिन पर एक मजबूत और संस्कारित राष्ट्र खड़ा होता है।

शताब्दी वर्ष पर संघ की जिम्मेदारियों पर चर्चा
गोष्ठी में संघ के 100 वर्षों की यात्रा और भविष्य की दिशा पर चर्चा की गई। वक्ता ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को अपनी जड़ों से जुड़कर राष्ट्रहित में योगदान देना होगा। उन्होंने समाजिक एकता और राष्ट्रीय कर्तव्य को राष्ट्र उन्नति का प्रमुख आधार बताया।

पहली बार विभिन्न समाजों के प्रमुखजन हुए शामिल
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में उपस्थित प्रमुख नागरिकों ने कई सवाल पूछे, जिनका स्वप्निल जी ने सहज और समाधानकारी उत्तर दिया। यह पहली बार था जब संघ के किसी आयोजन में मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, आदिवासी, गुजराती, सतनामी और अन्य समाजों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में समाजसेवी, उद्योगपति, धर्मगुरु, शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और प्रबुद्धजनों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिनमें बहादुर अली, एच.बी. हाजी, ज्ञानी सतपाल सिंह, विजय राय, संतोष पाण्डेय, अभिषेक सिंह, और कई अन्य शामिल थे।

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