रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए DRI नागपुर की इकाई ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया। मुंबई जोनल यूनिट के तहत काम कर रही DRI की नागपुर यूनिट ने जगदलपुर में पैंगोलिन के स्केल्स की अवैध तस्करी में शामिल एक सिंडिकेट को पकड़ने में सफलता हासिल की है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के पास से 16.528 किलो पैंगोलिन के शल्क बरामद किए गए हैं। इनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया की जाएगी।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम अनुसूची-1 में है पैंगोलिन
अधिकारियों ने बताया कि, पैंगोलिन को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में रखा गया है, जिससे इसे सबसे उच्च स्तर का कानूनी संरक्षण मिलता है। इस कानून के तहत पैंगोलिन और उससे जुड़े किसी भी उत्पाद का व्यापार पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसी के तहत बरामद 16.528 किलोग्राम शल्क को जब्त कर लिया गया है। कार्रवाई के बाद सभी औपचारिकताएं पूरी कर गिरफ्तार आरोपियों और जब्त किए गए शल्क को आगे की कार्रवाई के लिए जगदलपुर रेंज के वन विभाग के रेंज अधिकारी को सौंप दिया गया है।
DRI ने दी मामले की जानकारी
DRI ने अपने बयान में बताया कि, 2025 से अब तक उन्होंने कई बड़े वन्यजीव तस्करी नेटवर्क को तोड़ा है। इनमें मध्य प्रदेश के उज्जैन में तेंदुए की खाल की तस्करी करने वाला गिरोह, सिवनी में बाघ के शावक की हत्या और उसके अंगों की तस्करी की कोशिश करने वाला नेटवर्क, भोपाल में तेंदुए की खाल की तस्करी और आंध्र प्रदेश के पिलेरु में पैंगोलिन शल्क की तस्करी करने वाला सिंडिकेट शामिल है।
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