ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 368 महतारी सदनों के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये स्वीकृत। ग्राम पंचायतें बनेंगी क्रियान्वयन एजेंसी, प्रत्येक सदन पर 30 लाख खर्च होगा।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा और ठोस कदम उठाते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 'महतारी सदन' निर्माण को लेकर नई मार्गदर्शिका जारी की है। अब ग्राम पंचायतें स्वयं इन सदनों के निर्माण की क्रियान्वयन एजेंसी बनेंगी। 

राज्य सरकार ने 368 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है, जिससे गांव-गांव में महिलाओं के लिए समर्पित गतिविधि केंद्र स्थापित किए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक महतारी सदन के निर्माण पर राज्य सरकार द्वारा 30 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। 

137 महतारी सदनों का निर्माण पूरा हो चुका
अब तक 137 महतारी सदनों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि कई स्थानों पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि, सभी स्वीकृत सदनों का निर्माण 6 से 8 माह के भीतर पूर्ण करना अनिवार्य होगा। निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति संबंधित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा दी जाएगी। पंचायतें ही योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगी महिलाएं
महतारी सदन का उपयोग ग्रामीण महिलाओं की बैठक, प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों, कौशल विकास कार्यक्रमों और सामाजिक आयोजनों के लिए किया जाएगा। इससे महिलाओं को एक सुरक्षित, संगठित और संसाधनयुक्त मंच मिलेगा, जहां वे आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगी।