रायपुर। प्रदेश में धान खरीदी के बाद खरीदी केंद्रों में उठाव तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में 25 लाख किसानों से 141.10 लाख टन धान की खरीदी की गई थी। खरीदी पूरा होने के बाद खरीदी केद्रों से मार्कफेड और संग्रहण केंद्रों के लिए धान का उठाव जारी है।
अब तक 85 प्रतिशत से अधिक धान का उठाव कर लिया गया है। मिलरों ने अब तक 110.65 लाख टन और संग्रहण केंद्रों के लिए 16.10 लाख टन धान का उठाव किया गया है। खरीदी केंद्रों में अब 14.14 लाख टन से अधिक धान उठाव के लिए शेष है। वहीं मिलरों द्वारा उठाव में सुस्ती दिखाए जाने के कारण कई जिलों में उठाव की गति धीमी है।
खरीदी केंद्रों में रखे धान को लेकर समितियों में सूखत का खतरा
मार्कफेड के माध्यम से हो रहे उठाव में मिलरों को उठाव के लिए डीओ जिला प्रशासन के द्वारा लगातार जारी किए जा रहे हैं। केंद्रीय पुल में छत्तीसगढ़ को वर्ष 2025-26 में जमा किए जाने वाले चावल की मात्रा का ध्यान में रखते हुए मिलरों को मिलिंग के लिए धान दिया जा रहा है। वहीं संग्रहण केंद्रों में धान को सुरक्षा की दृष्टिकोण से रखा जा रहा है। इधर धान खरीदी का काम पूरा होने के बाद कई खरीदी केंद्रों में रखे धान को लेकर समितियों में सूखत का खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों के अनुसार, धान उठाव करने के कालिए 31 मार्च का डेट लाइनें तय किया गया है।
कांकेर में सबसे ज्यादा और सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे कम शेष
धान उठाव की स्थिति देखे तो मैदानी जिलों में धान का उठाव तेजी से कर लिया गया है। यहां पर 80 से 85 फीसदी धान का उठाव कर लिया गया है। वहीं बस्तर संभाग के कई जिलों में अब तक 75 फीसदी धान का उठाव किया गया है। कांकेर जिले में सबसे अधिक 1 लाख 67 हजार टन धान का उठाव शेष है। यहां पर कुल 5 लाख टन से अधिक की धान खरीदी की गई थी। वहीं बस्तर जिले में 1 लाख 59 हजार टन धान का उठाव शेष है। कोंडागांव में 1 लाख 32 हजार टन और राजनांदगांव में 1 लाख टन से अधिक धान का उठाव बाकि है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के खरीदी केंद्रों में सबसे कम 1282 टन धान का उठाव शेष है।
नान के लिए चावल जमा
धान उठाव के साथ की केंद्रीय पुल में चावल जमा करने का कार्य भी जारी है। मिलरों ने अब तक नान में 14 हजार टन से अधिक चावन जमा कर दिए है। मिलरों ने एफसीआई में चावल जमा कराना अभी शुरू नहीं किया है एफसीआई में रैक लगने में देरी के चलते अभी पिछले साल का चावल जमा होने के बाद इस साल का चावल जमा किया जाएगा।