रायपुर। महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग केस में ED ने सौरभ चंद्राकर की 1700 करोड़ रुपये की भारतीय और विदेशी प्रॉपर्टी अटैच की है। ED ने प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रोविज़न के तहत बुधवार को प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) जारी किया है, जिसमें दुबई (UAE) में मौजूद 18 अचल प्रॉपर्टी और नई दिल्ली में मौजूद 2 अचल प्रॉपर्टी अटैच की गई हैं, जिनकी सही मार्केट वैल्यू लगभग 1700 करोड़ रुपये है।
अटैच की गई विदेशी प्रॉपर्टी दुबई में प्राइम लोकेशन पर हैं और इनमें शामिल हैं। हाई-वैल्यू लग्ज़री विला, दुबई हिल्स एस्टेट में अपार्टमेंट, हिल्स व्यू, फेयरवे रेजीडेंसी और सिड्रा शामिल हैं, बिजनेस बे और SLS होटल एंड रेजीडेंस में कई हाई-एंड अपार्टमेंट। मशहूर बुर्ज खलीफ़ा में अपार्टमेंट। जिन प्रॉपर्टीज़ को अटैच करने पर विचार किया जा रहा है, वे महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग एप्लीकेशन के मुख्य प्रमोटरों में से एक सौरभ चंद्राकर की हैं और उनके कंट्रोल वाली कंपनियों, उनके साथियों, जिनमें विकास छपारिया, रोहित गुलाटी, अतुल अरोड़ा, नितिन टिबरेवाल, सुरेंद्र बागरी के नाम पर हैं।
ED, Raipur Zonal Office has issued a Provisional Attachment Order (PAO) dated 24.03.2026 under PMLA, 2002, attaching 18 immovable properties located in Dubai (UAE) and 2 immovable properties located in New Delhi, having a fair market value of nearly Rs.1700 Crore. Total… pic.twitter.com/oTAXyFyhc6
— ED (@dir_ed) March 25, 2026
छत्तीसगढ़ आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल भी FIR है दर्ज
ED की जांच से पता चला है कि ये प्रॉपर्टीज़ महादेव ऑनलाइन बुक प्लेटफॉर्म और कई अन्य के नाम पर गैर-कानूनी ऑनलाइन बेटिंग ऑपरेशन से जुड़े तय अपराध से हुई कमाई से हासिल की गई थी। ED ने छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पुलिस अधिकारियों द्वारा IPC, 1860 और प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट, 1988 की अलग-अलग धाराओं के तहत गैर-कानूनी ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म जैसे महादेव ऑनलाइन बुक, स्काईएक्सचेंज वगैरह से जुड़े लोगों और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कई FIR के आधार पर जांच शुरू की।
ED की जाँच में हुए कई खुलासे
ED की जांच से पता चला है कि महादेव ऑनलाइन बुक एक बड़े पैमाने पर इंटरनेशनल बेटिंग सिंडिकेट के तौर पर काम करता था, जो टाइगर एक्सचेंज, गोल्ड 365 और लेज़र247 जैसे कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डोमेन नेम के ज़रिए गैर-कानूनी बेटिंग को बढ़ावा देता था। यह ऑपरेशन पूरे भारत में एसोसिएट्स द्वारा ऑपरेट किए जाने वाले 'पैनल्स' या 'ब्रांचेज़' के एक फ्रैंचाइज़-बेस्ड नेटवर्क के ज़रिए बनाया गया था, जबकि मेन प्रमोटर्स सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से बेटिंग सिंडिकेट को ऑपरेट और कंट्रोल करते थे।
70-75% हिस्सा अपने पास रखते थे आरोपी
जांच में आगे पता चला कि प्रमोटरों ने बेटिंग पैनल से होने वाले मुनाफे का लगभग 70-75% हिस्सा अपने पास रख लिया, जबकि बाकी हिस्सा उन पैनल ऑपरेटरों में बांट दिया गया जो बेटिंग के काम को संभाल रहे थे। तय अपराधों से कमाए गए 'अपराध से प्राप्त धन' (PoC) को हज़ारों 'म्यूल्स' (बिचौलियों) या नकली बैंक खातों के ज़रिए सुनियोजित तरीके से घुमाया गया। ये खाते उन लोगों के KYC दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करके खोले गए थे जिन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। इसके बाद, इस अवैध पैसे को हवाला चैनलों, क्रिप्टोकरेंसी लेन-देन और जटिल वित्तीय तरीकों से भारत के बाहर भेजा गया, और आखिरकार UAE और भारत में कीमती चल और अचल संपत्तियों में निवेश किया गया।
सौरभ के करीबियों के नाम पर हैं सम्पत्तियां
अब तक, ED ने इस मामले के सिलसिले में पूरे देश में 175 से ज़्यादा जगहों पर तलाशी अभियान चलाए हैं। इसके अलावा, इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और रायपुर की माननीय विशेष अदालत (PMLA) में दायर पांच 'अभियोजन शिकायतों' में 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है। साथ ही, 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018' के तहत सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, अनिल अग्रवाल (उर्फ अतुल अग्रवाल) और शुभम सोनी के खिलाफ आवेदन दायर किए गए हैं, ताकि उन्हें 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी' घोषित किया जा सके और उनकी संपत्तियों को ज़ब्त किया जा सके। आज की तारीख तक, चल और अचल संपत्तियों की कुल कुर्की/ज़ब्ती/फ्रीज़िंग लगभग 4336 करोड़ रुपये है।
भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया जारी
ED पूरे अवैध बेटिंग सिस्टम और उसके अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क को खत्म करने और जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। ED अवैध बेटिंग के काम से कमाए गए 'अपराध से प्राप्त धन' का पता लगाने और उसे ज़ब्त करने के लिए भी लगातार कार्रवाई कर रहा है। आरोपियों का पता लगाने और उन्हें कानून के कटघरे में लाने के प्रयास तेज़ किए जा रहे हैं, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो विदेश से अपना काम चला रहे हैं।









