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रायपुर। छत्तीसगढ़ की जेलों में हो रही घटनाओं को लेकर QRT टीम का गठन किया गया है। QRT टीम जेल में अप्रिय और हिंसक वारदात एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए काम करेगी। प्रदेश की 33 जिलों में QRT टीम गठित की जाएगी। प्रत्येक टीम में 5 से 7 सदस्य रखे गए हैं। जिसमें सभी जेल प्रमुख पर्यवेक्षण अधिकारी होंगे। 

QRT टीम का यह होगा काम 

प्रदेश की सभी जेलों में QRT टीम द्वाराकोई भी अप्रिय घटना होने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नियमित रूप से मॉक-ड्रिल और रिहर्सल भी किया जा रहा है। अपराधी घटनाएं रोकने के लिए कैदियों की व्यवहार प्रोफाइलिंग तैयार की गई है। बंदियों की विभिन्न अपराधियों तथा अपराधी समूहों से संबद्धता एवं इतिहास पर नजर रखी जा रही है। बंदियों का हिंसक व्यवहार रोकने के लिए तथा रचनात्मक अभिरुचि बढ़ाए जाने के लिए बंदियों के लिए शैक्षिक प्रशिक्षण, रोजगारोन्मुखी व्यवसायिक कौशल प्रशिक्षण और जीवन कौशल संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इससे बंदियों के मध्य तनाव में कमी आई है। 

कैदियों को दी जा रही ट्रेनिंग 

बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, थेरेपी और परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके माध्यम से अपराध के सामाजिक- आर्थिक कारकों को भी संबोधित किया जा रहा है। बंदियों के परिवारों के साथ स्वस्थ रिश्तों को बढ़ावा दिया जा रहा है। सामाजिक समर्थन प्रणालियां प्रदान करने के लिए प्रक्रिया विकसित की गई है। इससे बंदियों के रिहा होने पर अपराधी जीवन में दुबारा प्रवेश करने की संभावना में कमी आएगी। सकारात्मक संलग्नता बढ़ाने के लिए बंदियों को मनोरंजन गतिविधियां और खेल सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं। इससे बंदियों के मध्य टीम वर्क और सहयोग को बढ़ावा मिला है। 

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निगरानी के लिए टेक्नोलॉजी, सीसीटीवी का लिया जायेगा सहारा 

कैदियों को योग, ध्यान और काउंसलिंग प्रदान की जा रही है। बंदियों के मध्य समरसता बढ़ाए जाने के उद्देश्य से मध्यस्थ नियुक्ति किए गए हैं। उनके द्वारा बंदियों से लगातार संवाद रखा जा रहा है और सूचना तंत्र को मजबूत किया गया है। वहीं निगरानी के लिए टेक्नोलॉजी, सीसीटीवी इत्यादि का सहारा लिया जा रहा है। जेल कर्मियों को जेल नियमावली का पालन करने तथा मेहनत, लगन और ईमानदारी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।