बस्तर में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थिति को देखते हुए वनमंत्री केदार कश्यप ने सभी जिलों के कलेक्टर को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

जीवानंद हलदार- जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में हो रही भारी बारिश के कारण नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा हैं। कई लोगों के घरों में जलभराव से नुकसान हुआ है, वहीं किसानों के फसलों को भी नुकसान पहुंचा हैं। हालात को देखते हुए वनमंत्री केदार कश्यप ने सभी जिलों के कलेक्टर को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। 

दरअसल भारी बारिश के कारण नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण कई लोगों के घरों में जलभराव से नुकसान हुआ है, वहीं किसानों के फसलों को भी नुकसान पहुंचा हैं। स्थिति को देखते हुए वनमंत्री केदार कश्यप ने सभी जिलों के कलेक्टर को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश 

वनमंत्री केदार कश्यप ने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को निर्देश जारी कर समय पूर्व सभी तैयारियां पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समय रहते बचाव के उपाय भी किया जाए और मौसम में कई मौसमी बीमारियों के खतरे से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग दवाओं के छिड़काव के साथ अन्य जरूरी उपाय करे।

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आपदा नियंत्रण केंद्र 24 घंटे रहे सक्रिय

प्रभावित लोगों के बचाव के लिए जिला मुख्यालय और तहसील स्तर पर आपदा नियंत्रण केन्द्र 24 घंटे सक्रिय रखने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही साथ ही बांधों,जलाशयों, पुलों से संबंधित अमला को पूरे समय अलर्ट रहने के लिए कहा गया। जलभराव की स्थिति पर आवश्यक व्यवस्थाएं कराई जाए। साथ ही अधिक बारिश से प्रभावित जिलों के कलेक्टर से बात कर स्थिति पर नज़र रखने का निर्देश दिया है। इन दिनों खरीफ सीजन की कृषि का कार्य चल रहा है, ऐसे में भारी बारिश चुनौती पैदा कर रही है।