रायगढ़ जिले के लैलूंगा ब्लॉक के घटगांव में तीन किसानों के खेतों में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचकर जांच में जुटे हैं।

अमित गुप्ता- रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार के बाद अब लैलूंगा ब्लॉक में भी अफीम की खेती सामने आई है। लैलूंगा के ग्राम घटगांव मैं तीन अलग-अलग किसानों के खेत में अफीम की फसल पाई गई है। 

मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने अफीम के पौधे में फूल लगा देखा इसके बाद उन्हें अफीम की जानकारी हुई और उन्होंने लैलूंगा पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद लैलूंगा पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची हुई और मामले की जांच की जा रही है। 

10 डिसमिल खेत में एक किसान ने अफीम के पौधे लगाए 
प्रथम दृष्टिया अफीम के पौधों की पुष्टि कर ली गई है। बताया जा रहा है कि, गांव के साधुराम नागवंशी ने 10 डिसमिल खेत में अफीम के पौधे उगाए थे। जांच के लिए ले गई पुलिस की टीम को दो अन्य किसानों के खेत में भी अफीम के पौधे होने की जानकारी मिली। 

इन दो किसानों की भी उसी खेत थे पौधे
इसके बाद जांच में गांव के ही दो अन्य किसान जगतराम की 2 डिसमिल और अभिमन्यु नाग की 15 डिसमिल जमीन में अफीम की खेती पाई गई है। फिलहाल, प्रशासनिक टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। 

रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में लहलहा रही फसल
वहीं दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब शुक्रवार को रायगढ़ जिले में भी अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया था। तमनार क्षेत्र के आमाघाट इलाके में करीब 70 डिसमिल जमीन पर अफीम की फसल पाई गई है। गांव से दूर जंगल और नदी किनारे की इस जमीन पर गुपचुप तरीके से अफीम की खेती की जा रही थी। ग्रामीणों ने जंगल में पौधे और गुलाबी फूल देखकर शक जताया जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची
सूचना मिलते ही तमनार पुलिस देर रात मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच में अफीम की खेती की पुष्टि की गई। इसी दौरान गांव से एक युवक मार्शल सांगा को गिरफ्तार किया गया है। सुबह जिला प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और जांच के बाद आधिकारिक पुष्टि की गई। जहां खेती की जा रही थी वह इलाका पूरी तरह सुनसान जंगल के बीच और नदी तट से लगा हुआ है। करीब 70 डिसमिल जमीन को दो हिस्सों में बांटकर खेती की गई थी। एक हिस्से में फसल तैयार होने की स्थिति में थी, जबकि दूसरे में पौधों पर गुलाबी फूल खिले हुए थे।