छत्तीसगढ़ में देशी और विदेशी शराब की बिक्री सरकारी दुकानों से करवाने के लिए राज्य सरकार ने ग्लोबल टेंडर निकाला है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में देशी और विदेशी शराब की बिक्री सरकारी दुकानों से करवाने के लिए राज्य सरकार ने ग्लोबल टेंडर निकाला है। खास बात ये है कि शराब निर्माता कंपनिया जो रेट आफर करेंगी, सरकार उसमें कर व सेस जोड़कर फाइनल रेट तय करेगी। शराब की हर छोटी बड़ी बोतल पर सरकार द्वारा तय रिटेल सेलिंग प्राइज का लेबल चस्पा होगा। हर ग्राहक को इसी रेट पर शराब मिलेगी, लेकिन इससे पहले पीने-पिलाने के शौकीनों के लिए ये सुकून की बात है कि शराब की कीमत न फिलहाल घट रही है न बढ़ रही है। यह सब कुछ नए रेट आफर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। राज्य सरकार के आबकारी प्रशासन ने देशी और विदेशी शराब के ब्रांड-लेवल के लिए ऑनलाइन ऑफर वर्ष 2026-27 के लिए मंगाए हैं।

रेट ऑफर में देशी के लिए कहा गया है कि,  जिन कंपनियों, फर्मों, प्रोप्राइटरशिप के पास छत्तीसगढ़ के एक्साइज डिपार्टमेंट से छत्तीसगढ़ कंट्री स्पिरिट रूल्स, 1995 (जैसा बदला गया) के तहत जारी लाइसेंस है, वे 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक के समय के लिए देसी शराब (कंट्री लिकर) की सप्लाई के लिए एक्साइज कमिश्नर, छत्तीसगढ़ के साथ रेट कॉन्ट्रैक्ट कर सकते हैं। ऑनलाइन रेट ऑफ़र जमा करने की आखिरी तारीख है 14 मार्च 2026 को शाम 5:30 बजे तक रखी गई है। इसी क्रम में विदेशी मदिरा विनिर्माता या प्रदायकर्ता इकाईयों की विशेष जानकारी के लिए यह सूचना जारी की गई है कि, विदेशी मदिरा के थोक प्रदाय हेतु जारी रेट ऑफर अनुसार कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़ के ऑनलाईन पोर्टल पर 16 मार्च 2026 को समय 17:30 बजे तक रेट ऑफर आमंत्रित किया गया है, एवं 17 मार्च 2026 को पूर्वान्हः 11 बजे रेट ऑफर खोला जाना तय है। रेट ऑफर आमंत्रित किये जाने के पूर्व विदेशी मदिरा के विनिर्माता, प्रदायकर्ता इकाईयाँ कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, जीएसटी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में ऑनलाइन मॉड्यूल प्रदर्शन 2 मार्च को प्रातः 11 बजे तथा प्री-बिड मंत्रणा 9 मार्च को प्रातः 11:00 बजे आयोजित की गई है।

आरएसपी तय करेगी राज्य सरकार
इस सौदे में खास बात ये है कि शराब निर्माता या सप्लायर कंपनियां रेट आफर में शराब की हर बोतल के लिए अपना रेट पेश करेगी। लेकिन अंतिम रूप से ग्राहक के हाथ में कितने रुपयों में बोतल आएगी यह सरकार तय करेगी। इस प्रक्रिया को रिटेल सेल प्राइस यानि आरएसपी कहा जाता है। रेट आफर में ही सरकार ने साफ किया है कि सप्लाई की जाने वाली हर बोतल के लेबल पर रिटेल सेलिंग प्राइस (आरएसपी) प्रिंट होना चाहिए। आरएसपी छत्तीसगढ़ सरकार तय करेगी।

हर बोतल और कार्टन पर होगा बार कोड
ये भी साफ किया गया है कि बोतलों और कार्टन पर लगे लेबल में सारी जानकारी होनी चाहिए, चाहे वह जरूरी हो या नहीं और बाहरी कार्टन पर प्रिंट किए गए प्रोडक्ट की जानकारी इतनी साफ होनी चाहिए कि प्रोडक्ट की पहचान हो सके और प्रोडक्ट का बैच नंबर और मैन्युफैक्चरिंग डेट भी। 1-डी बारकोड प्रिंट करने के लिए पैकिंग कार्टन के दोनों तरफ काफी खाली जगह होनी चाहिए। शराब की बोतलों पर लेबल इस तरह से चिपकाए जाने चाहिए कि वे हैंडल करते समय न निकलें। बैच नंबर के सैंपल करेंगे जमा, ताकि जांच हो सके। आबकारी विभाग के रेट आफर में कहा गया है कि हर रिडक्शन का एक अलग बैच नंबर होना चाहिए। हर रिडक्शन (बैच नंबर) के तीन सैंपल इकट्ठा किए जाएंगे और एक महीने तक संभालकर रखे जाएंगे, ताकि शराब की क्वालिटी के बारे में कोई शिकायत होने पर उन्हें टेस्ट किया जा सके।