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लोक निर्माण विभाग ने 8 हजार 537 करोड़ का बजट में अब तक 2 हजार 354 करोड़ ही खर्च किए है।

जिया कुरैशी- रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोक निर्माण विभाग ने बीते दो साल जमकर खर्च किया। सरकार बनने के बाद करीब दस हजार करोड रुपयाँ के खर्च से सड़क, पुल पुलिया, फ्लाईओवर, भवन के निर्माण किया। लेकिन इस बार चाल धीमी हो गई है। 

पीडब्ल्यूडी अब तक केवल 28 फीसदी ही खर्च कर पाया है। बजट प्रावधान 8 हजार 5 सौ 37 करोड़ रुपयों का था। इसमें से फरवरी माह तक केवल 2 हजार 354 करोड़ रुपए का व्यय किया गया है। इतना ही नहीं, दर्जनों मद ऐसे हैं जिन पर अब तक धेला भी खर्च नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि हर साल बजट में एक साल (वित्तीय वर्ष) के लिए राशि का प्रावधान किया जाता है। साथ ही पूंजीगत व्यय के लिए प्रत्येक तिमाही के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं। लोक निर्माण विभाग ने राज्य की व्यय एवं अनुदान रिपोर्ट में ब्योरा दिया है, उसे मुताबिक अब तक कुल 27.81 प्रतिशत व्यय हुआ है।

इस तरह समझें
लोक निर्माण विभाग की व्यय एवं अनुदान संबंधी जानकारी के अनुसार वर्ष 2025-26 में विभाग के लिए बजट प्रावधान 8 हजार 537 करोड़ 4 हजार 13 रुपयों का था। इसमें से 2 हजार 354 करोड़ रुपए का व्यय किया गया है। फरवरी 2026 में 276 करोड़ 54 लाख रुपए खर्च हुए हैं। यह आंकड़ा 27.81 प्रतिशत व्यय हुआ है।

कागजों में अरबों का बजट, काम में सन्नाटा
राज्य की व्यय एवं अनुदान रिपोर्ट की पड़ताल में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। लोक निर्माण विभाग के जिन मदों के लिए करोड़ों का प्रावधान किया गया, उनमें से कई में अब तक एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ। हवाई पट्टियों के निर्माण और विस्तार तथा नगर विमानन जैसे मदों में शून्य व्यय दर्ज है। इसी तरह राज्य मार्गों के विशेष अनुरक्षण व मरम्मत (ओपी आरएमएसी), ग्रामीण मागों की विशेष मरम्मत और नवीनीकरण जैसे सीधे जनता से जुड़े कार्य भी खर्च के मामले में 'शून्य' पर टिके हैं।

नगर विमानन जैसे मदों में शून्य व्यय
माह 4/2025 से 02 / | 2026 का व्यय  

आयोजन - 194822.099
आयोजनेतर - 41975.533
टोटल- 236797.633

आबंटित राशि के विरुद्ध व्यय की गई राशि का प्रतिशत
आयोजन
आयोजनेत्तर
प्रतिशत- 27.92%

जिन मदों में खर्च नहीं उनकी सूची बहुत लंबी है
लाइवीहुड कॉलेज, बायपास और रिंग रोड निर्माण, भूमि अधिग्रहण मुआवजा, सड़क सुरक्षा परामर्श सेवाएं, महाविद्यालय और उप स्वास्थ्य केंद्र भवन, नाबार्ड सहायता से ग्रामीण मार्ग, यहां तक कि जेल क्वार्टर, प्रशासनिक भवन, जिला सैनिक बोर्ड, खेल प्रशिक्षण भवन और अस्पताल-औषधालय भवनों के निर्माण जैसे मदों में भी व्यय का आंकड़ा शून्य है।

लोक शिक्षण संचालनालय, सरकारी शिक्षा महाविद्यालय, सीजी आईटी की स्थापना, खेल मैदानों के रखरखाव हेतु (लघु निर्माण कार्य, खेल प्रशिक्षण भवन का निर्माण, यूथ हास्टल,, कला और संस्कृति भवनों का रखरखाव (लघु निर्माण कार्य, अस्पताल और औषधालय भवनों का निर्माण जैसे बहुत से काम हैं जिन पर आंकड़ों के मुताबिक शून्य राशि खर्च की गई है। 

खर्च की गति बढ़ाने वित्त मंत्री ने पिछले साल लिखा था मंत्रियों को पत्र
बजट की राशि खर्च करने के संबंध में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पिछले साल सरकार के सभी मंत्रियों को पत्र लिखा था, उसमें ये बात कही गई थी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वर्ष 2024-25 के बजट के अंतर्गत विभिन्न विभागों के मंत्रियों को पत्र लिखा है। वित्त मंत्री ने पांच मंत्रियों के विभागों में बजट की राशि के कम खर्च होने पर यह चिट्ठी लिखी थी।

वित्त मंत्री चौधरी ने मंत्रियों से आग्रह किया था कि खर्च की गति बढ़ाई जाए। उन्होंने पत्र में लिखा कि बजट जिस अनुपात में खर्च किया जाना चाहिए था, उस अनुपात में खर्च नहीं हो रहा है। वित्त मंत्री चौधरी ने मंत्रियों को लिखे पत्र में स्पष्ट किया था कि बजट के निर्धारित मापदंड के अनुसार पूंजीगत व्यय के लिए प्रत्येक तिमाही के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और इसके अनुसार पूंजीगत व्यय होने से ही कार्यों में निरंतरता के साथ अर्थव्यवस्था को गति मिलती है।

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