रायपुर। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को ऐन गर्मी के समय अगले माह से घंटों बिजली गुल का सामना करना पड़ेगा। गर्मी में उपभोक्ताओं को बिजली बंद होने से परेशानी न हो, इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी प्रदेशभर के फीडरों में मेंटेनेंस का काम करेगी। प्रदेश में 55 सौ फीडर हैं। रोज सौ से ज्यादा फीडरों में मेंटेनेंस का काम करना पड़ेगा। ऐसे में रोज चार से छह घंटे तक बिजली बंद करनी पड़ेगी। गर्मी को देखते हुए काम सुबह 8 बजे से किए जाने की संभावना है। जिन फीडरों में काम होगा, उसके बंद होने की सूचना अखबारों के माध्यम से एक दिन पहले ही दी जाएगी। इसी के साथ उपभोक्ताओं को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भी मैसेज किया जाएगा। मार्च से लेकर अप्रैल तक मेंनेनेंस का काम होगा। इसके बाद फिर से एक माह बाद मानसून के लिए मई से जून में मेंटेनेंस होगा।

छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी हर साल गर्मी और मानसून से पहले मेंनेटेंस का काम करती है। कई बार गर्मी के लिए फरवरी से लेकर मार्च तक काम किया जाता है, लेकिन इस बार फरवरी में अब तक काम प्रारंभ नहीं किया गया है। पॉवर कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि फरवरी से मेंनेटेंस का काम करना संभव नहीं है, क्योंकि परीक्षाओं का समय है। ऐसे में इस बार मार्च से लेकर अप्रैल तक मॅनेटेंस का काम किया जाएगा।

करीब डेढ़ माह लगते हैं मेंटेनेंस में
प्रदेश में 55 सौ फीडर हैं। इनका मेंटेनेंस करने के लिए करीब डेढ़ माह का समय लग जाता है। पॉवर कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक रोज सौ से ज्यादा फीडरों में मेंटेनेंस का काम करना ही पड़ता है, तब जाकर गर्मी या फिर मानसून में बिजली व्यवस्था ठीक रहती है। हालांकि पॉवर कंपनी के अधिकारी इस बात से भी इनकार नहीं करते हैं कि मेंटेनेंस करने के बाद भी खराबी नहीं आएगी इसकी कोई गारंटी नहीं है, क्योंकि कभी आंधी-तूफान या फिर अन्य किसी कारण से भी खराबी आ जाती है तो उसके लिए कुछ नहीं किया जा सकता है। लेकिन गर्मी और मानसून से पहले यह तैयारी जरूरी रहती है कि फीडर सही काम करें और परेशानी न हो। पॉवर कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि गर्मी और मानसून से पहले मेंटेनेंस जरूरी रहता है। इसलिए गर्मी के लिए फरवरी से अप्रैल के बीच कभी भी और मानसून के लिए मई और जून में मेंटेनेंस किया जाता है।