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केन्द्र सरकार द्वारा जारी नक्सल प्रभावित जिलों की सूची में  छत्तीसगढ़ के छह जिले में दंतेवाड़ा भी शामिल है। 

राजेश दास- जगदलपुर। केन्द्र सरकार द्वारा जारी नक्सल प्रभावित जिलों की सूची में छग के छह जिले में दंतेवाड़ा भी शामिल है। दंतेवाड़ा में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ विशेष अभियान चला रखा है, यही वजह है कि बीते दो साल में 53 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया गया। इन पर करोड़ों रुपए का ईनाम घोषित था। हालांकि इस वर्ष नक्सलियों के साथ कोई मुठभेड़ नहीं हुई है, लेकिन वर्ष 2024 और 25 की बात करें तो फोर्स को नक्सल उन्मूलन में कई बड़ी सफलता मिल चुकी है। 

वर्तमान में यहां डीवीसीएम-बारसूर एरिया कमेटी सचिव व डिविजन कमाण्डर इन चीफ बीरू कश्यप उर्फ रामदेर के अलावा पीपीसीएम कम्पनी नम्बर 6 मानसिंग उपोण्डी उर्फ टूगे उपोण्डी, बारसूर एरिया कमेटी एलओएस कमाण्डर शंकर, बयानार एरिया कमेटी एसीएम कविता कश्यप तथा एसीएम मलांगेर एरिया कमेटी नंद कुमार माडवी समेत 15 नक्सली बचे हैं, जिनकी तलाश में सुरक्षाबलों द्वारा जंगलों में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इनके समर्पण करने या मुठभेड़ में मार गिराए जाने के बाद दंतेवाड़ा जिला नक्सलमुक्त जिले की श्रेणी में शामिल हो जाएगा। फोर्स लगातार प्रयास कर रही है कि बचे हुए नक्सली समर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो जाए नहीं तो निर्धारित डेड लाइन 31 मार्च 2026 के लिए मात्र 37 दिन शेष हैं। इन दिनों में समर्पण नहीं करने पर इन पांच हार्डकोर नक्सली समेत 15 नक्सलियों का खात्मा तय माना जा रहा है।

लोहागांव, नेंदूर, नेलगोडा व बोड़मा में हुई बड़ी मुठभेड़
दंतेवाड़ा को नक्सलमुक्त करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। यही वजह है कि नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए मुठभेड़ों में बिना फोर्स को नुकसान हुए बिना कई खूंखार नक्सलियों को मार गिराया गया। वर्ष 2024 तथा 2025 में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए निर्णायक लड़ाई के दौरान दो चार बड़ी मुठभेड़ हुई। 3 सितम्बर 2024 को लोहागांव-पुरंगेल एंड्री के जंगल में हुए मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली डीकेएसजेडसीएम रणधीर को मार गिराया था। इसके ठीक एक माह के बाद 4 अक्टूबर 2024 को नेंदूर, थुलथुली के जंगल में डीकेएसजेडसीएम नीति उर्फ उर्मिला पोटाम को मार गिराया गया था। वर्ष 2025 की बात करें तो 25 मार्च 2025 को बोड़गा-इकेली के जंगल में हुए मुठभेड़ में डीकेएसजेडसीएम सुधीर उर्फ सुधाकर उर्फ सोनसाय उर्फ मुरली को ढेर किया गया था।

संकल्प हर हाल में होगा पूरा
बस्तर आईजी सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि, भारत सरकार व छग शासन के मंशानुरूप तथा क्षेत्र की जनता की इच्छानुसार हमारा अभियान जारी है। बस्तर रेंज में वर्ष 2026 के लिए यह संकल्प लिया गया है कि शेष माओवादी नेटवर्क का पूर्ण उन्मूलन सुनिश्चित कर क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा स्थापित किया जाए। इसके लिए सटीक रणनीति प्रभावी कार्रवाई और सतत प्रयासों के माध्यम से शांति बहाली की प्रक्रिया को निर्णायक चरण तक पहुंचाया जाएगा, जिसके लिए हम प्रयासरत है।

25 माह में 569 ने किया आत्मसमर्पण
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नक्सलवाद के खात्मे के एलान के बाद दंतेवाड़ा जिले में रिकार्ड 569 नक्सली समर्पण कर चुके है। वर्ष 2024 में 234, 2025 में 272 तथा वर्ष 2026 में अब तक 63 नक्सली समर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके है। इन दो वर्षों में अलग अलग इलाकों से 92 नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बरामद हथियारों की बात करें तो बीते 25 माह में अब तक 56 हथियार नक्सलियों से बरामद किया गया है। वहीं बरामद कमाण्ड व प्रेशर आईईडी की संख्या 42 है। बीते 25 माह की बात करें तो सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के कोर इलाके में ऑपरेशन चलाया और नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया और नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान एक भी जवान को खरोच तक नहीं आई। इस दौरान नक्सलियों की आवाजाही रोकने व नाकाबंदी करने के लिए धूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र बासनपुर व नेरलीघाटी में दो नए सुरक्षा कैम्प खोले गए।

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