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रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति मौजूदा शैक्षणिक सत्र से पूरे प्रदेश में लागू हो रही है, लेकिन इसे खैरागढ़ संगीत विवि और ओपन विवि में लागू नहीं किया जाएगा। चूंकि संगीत विवि कलात्मक संस्थान है और ओपन विवि में नियमित रूप से अध्ययन नहीं कर पाने वाले छात्र ही प्रवेश लेते हैं, इसलिए इन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दायरे से बाहर रखा गया है।
उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि, सेमेस्टर आधारित पाठ्यक्रम होने के कारण विद्यार्थियों को परीक्षा का तनाव नहीं होगा। बहु-विषयक प्रणाली पर आधारित यह नीति विद्यार्थियों को उनकी इच्छानुसार दूसरे संकाय के विषयों का अध्ययन करने की स्वतंत्रता देती है। पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान पद्धति के समावेश के साथ अन्य गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर एक प्रेसवार्ता उच्च शिक्षा विभाग द्वारा बुधवार को न्यू सर्किट हाउस में रखी गई, जहां इससे संबंधित जानकारी दी गई।
अधिकतम 7 सालों में पूर्ण कर सकेंगे यूजी
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, इस नीति में सतत मूल्यांकन का प्रावधान है, जिससे विद्यार्थियों के मानसिक उर्जा के साथ बौद्धिक क्षमता में भी वृद्धि होगी। टेक्नोलॉजी के अधिक से अधिक इस्तेमाल पर बन दिया गया है। समस्त पाठ्यक्रम क्रेडिट पर आधारित होने के साथ ही चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के अंतर्गत होंगे। स्नातक पाठ्यक्रम को विद्यार्थी अधिकतम 7 वर्षों में पूर्ण कर सकता है। तृतीय वर्ष पूर्ण करने पर 'स्रातक' की उपाधि प्रदान की जाएगी। जिन विद्यार्थियों को विषय विशेष में विशेषज्ञता प्राप्त करने या शोध करने की इच्छा हो वे पाठ्यक्रम को निरंतर चौथे वर्ष में जारी रख सकते हैं।
आंतरिक मूल्यांकन के लिए 30 फीसदी अंक निर्धारित
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत मार्किंग स्कीम के बारे में भी बताया गया। आतंरिक मूल्यांकन में 30% अंकों का प्रावधान रखा गया है। विद्यार्थी को उत्तीर्ण होने के लिए दोनों (आतंरिक एवं अंत सेमेस्टर परीक्षा) में कुल 40% प्राप्त करना अनिवार्य होगा। कला, विज्ञान अथवा वाणिज्य संकाय का विद्यार्थी अपने संकाय के अतिरिक्त अन्य संकाय के किसी एक विषय को अपनी इच्छानुसार ले सकता है। विद्यार्थी ऑनलाइन प्लेटफार्म में उपलब्ध पाठ्यक्रमों से भी विषय से संबंधित पाठ्यक्रम की पढ़ाई भी साथ कर सकता है।
