नगरी विकासखंड की बहुप्रतीक्षित फुटहामुड़ा नहर परियोजना तेजी से प्रगति पर है, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने स्थल निरीक्षण कर गुणवत्ता और समयसीमा की समीक्षा की।

अंगेश हिरवानी - नगरी। सिहावा विधानसभा क्षेत्र के नगरी विकासखंड में वर्षों से लंबित फुटहामुड़ा नहर निर्माण परियोजना अब रफ्तार पकड़ चुकी है। किसानों को दीर्घकालीन सिंचाई सुविधा देने वाली यह महत्वाकांक्षी योजना क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखती है। मंगलवार सुबह कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने स्थल पहुंचकर निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कलेक्टर ने लिया तकनीकी प्रगति का जायजा
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने ग्राम फुटहामुड़ा में नहर निर्माण स्थल का निरीक्षण करते हुए कार्य की गति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना निर्धारित समयसीमा में बेहतरीन गुणवत्ता के साथ पूरी होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्थानीय किसानों से बातचीत कर उनकी अपेक्षाएँ और सुझाव भी सुने।

किसानों के लिए मील का पत्थर बताए परियोजना
कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि फुटहामुड़ा नहर नगरी क्षेत्र के लिए विकास का महत्वपूर्ण अध्याय होगी। इससे किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे कृषि उत्पादकता बढ़ने के साथ फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर जल प्रबंध संभाग रूद्री (कोड 38) के कार्यपालन अभियंता हेमलाल कुरेसिया भी उपस्थित रहे।

19.74 किमी लंबी नहर देगी 1940 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई
गंगरेल जलाशय के सैंडल डैम से शुरू होकर लगभग 19.74 किलोमीटर लंबाई में बन रही यह नहर नगरी ब्लॉक के 22 ग्रामों में सिंचाई उपलब्ध कराएगी। परियोजना पूर्ण होने पर लगभग 1940 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचाई योग्य हो जाएगी। इससे खरीफ और रबी दोनों सीजन में क्षेत्र का रकबा बढ़ने की संभावना है।

भू-अर्जन और वन स्वीकृति ने हटाई प्रमुख बाधाएँ
मुख्य नहर से प्रभावित 10 ग्रामों में 14.33 हेक्टेयर भूमि का भू-अर्जन पूरा कर लिया गया है। वहीं 24.42 हेक्टेयर वन भूमि की अंतिम चरण की स्वीकृति भी मिल चुकी है, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन में आ रही बड़ी बाधाएँ दूर हो गई हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति देगा प्रोजेक्ट
जल संसाधन विभाग के अनुसार, यह परियोजना केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि-

  • किसानों की आय में वृद्धि
  • कृषि आधारित रोजगार में बढ़ोतरी
  • पलायन में कमी
  • आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रोत्साहन

जैसे लाभ सीधे तौर पर क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे।

विकास और आत्मनिर्भरता की ओर कदम
फुटहामुड़ा नहर परियोजना नगरी अंचल के लिए कृषि समृद्धि की दिशा में मील का पत्थर साबित होने वाली है। यह परियोजना क्षेत्र में हरित विकास और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ठोस नींव रखेगी।