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गोपी कश्यप- नगरी। आज की खेती केवल परंपरा नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक और सुनियोजित कार्य बन चुकी है। खेती में आधुनिक तकनीकों, सही फसल प्रबंधन और नए उपकरणों के उपयोग से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन कर सकते हैं। इस दिशा में छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए छत्तीसगढ़ युवा प्रगतिशील किसान संघ के जिला अध्यक्ष अरुण सार्वा एक मजबूत मार्गदर्शक बने हैं।
अरुण सार्वा ने किसानों को पारंपरिक तरीकों से हटकर नवीनतम कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ड्रिप सिंचाई, मिश्रित बीज, मल्चिंग और उन्नत कृषि उपकरणों के उपयोग पर विशेष बल दिया, जिससे किसान अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। उनकी प्रेरणा से आज सैंकड़ों किसान आधुनिक खेती अपनाकर आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं।
आधुनिक खेती से हो रहा लाभ
विकासखण्ड नगरी के ग्राम सांकरा के कृषक सतीश साहू ने हमारे संवाददाता से चर्चा करते हुए कहा कि, पहले हम पारंपरिक तरीके से खेती करते थे, जिससे उत्पादन में कई दिक्कतें आती थीं। अरुण सार्वा ने हमें बताया कि, फसल चक्र, सिंचाई प्रबंधन और उन्नत बीजों का सही उपयोग कैसे किया जाए। उनके मार्गदर्शन से मैंने कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल किया और अब बाजार में अपनी फसल का उचित मूल्य भी पा रहा हूँ।
नई तकनीकों का कर रहे उपयोग
नगरी नगर में कृषि कार्य कर रहे कृषक प्रशांत साहू ने चर्चा करते हुए कहा कि, अरुण सार्वा के सुझावों से मैंने फसल की सही समय पर बुआई और सिंचाई तकनीकों को अपनाया। इससे न केवल पैदावार बढ़ी, बल्कि फसल को रोगों से बचाने में भी मदद मिली। उन्होंने यह भी सिखाया कि, कैसे खेत की मिट्टी को उपजाऊ बनाए रखा जाए। आज मेरी आमदनी में बड़ा इजाफा हुआ है और मैं अन्य किसानों को भी इस तकनीक को अपनाने की सलाह देता हूँ।
सही योजना और प्रबंधन से होगी अच्छी फसल
सब्जी उगाकर आज आर्थिक रूप से मजबूत हो रही एक सफल महिला कृषक नीलम ठाकुर ने चर्चा करते हुए बताया कि, खेती में सबसे जरूरी है सही योजना और प्रबंधन। अरुण सार्वा ने हमें यह सिखाया कि, खेती को किस तरह व्यवस्थित करें, ताकि हम पूरे साल अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकें। उनकी सलाह पर मैंने फसल चक्र अपनाया और आधुनिक यंत्रों का उपयोग शुरू किया, जिससे श्रम भी कम हुआ और उत्पादन भी बढ़ा। आज मैं खेती से अच्छी आमदनी कमा रही हूँ।
खाद प्रबंधन और मिट्टी परीक्षण करना जरूरी
ग्राम सांकरा में कृषि कार्य कर रहे भुवनेश्वर साहू ने चर्चा करते हुए बताया कि, फसल की सही देखभाल और पोषण के लिए उन्नत खाद प्रबंधन और मिट्टी परीक्षण बहुत जरूरी है। अरुण सार्वा ने हमें मृदा परीक्षण कराकर संतुलित उर्वरकों के उपयोग के बारे में बताया, जिससे फसल की सेहत भी अच्छी बनी रहती है और लागत भी कम आती है। पहले हमें उर्वरकों की सही मात्रा का ज्ञान नहीं था लेकिन अब हमारी पैदावार पहले से कहीं बेहतर हो चुकी है।
सीधे मंडी से जुड़कर कमा रहे मुनाफा
ग्राम सांकरा के ही एक सफल कृषक प्रवीर साहू ने चर्चा में बताया कि, खेती करने के बाद सबसे बड़ी समस्या होती थी उचित मूल्य प्राप्त करना। अरुण सार्वा ने हमें सीधे मंडी से जुड़ने और कृषि विपणन के नए तरीकों के बारे में बताया। अब हम कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए अपनी उपज बेच रहे हैं, जिससे हमें अच्छी कीमत मिल रही है। उनकी सलाह से अब खेती सही मायनों में लाभदायक व्यवसाय बन गई है।
लाभकारी व्यवसाय बनी खेती
छत्तीसगढ़ युवा प्रगतिशील किसान संघ के जिला अध्यक्ष अरुण सार्वा सिहावा विधानसभा क्षेत्र में किसानों के लिए आधुनिक कृषि क्रांति के अग्रदूत बन चुके हैं। उन्होंने किसानों को नई तकनीकों, जल प्रबंधन, उन्नत बीजों और कृषि यंत्रों से जोड़ा, जिससे खेती अब केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि एक लाभकारी व्यवसाय बन चुकी है।
अरुण सार्वा का बड़ा योगदान
उनकी मेहनत और मार्गदर्शन से नगरी क्षेत्र के सैकड़ों किसान अब आत्मनिर्भर बन रहे हैं और आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं। खेती में उनका योगदान एक नई दिशा दे रहा है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र के किसान समृद्धि की ओर तेजी से आगे बढ़ सकेंगे ।
कृषि नवाचार से आत्मनिर्भर होंगे किसान – अरुण सार्वा
अरुण सार्वा ने कहा कि, मैं किसानों को कृषि कार्य में आधुनिक तकनीक प्रयोग करने और सिखाने में उनका सहयोग इसलिए करता हूँ क्योंकि जब वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनेंगे तो उनका आर्थिक सशक्तिकरण होगा, जिससे न केवल उनका जीवन बदलेगा, बल्कि राष्ट्र की समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
विविध फसल उत्पादन से बढ़ेगी आमदनी
उन्होंने कहा कि, एक ही प्रकार की फसल पर निर्भरता कम कर विविध फसलों की खेती से किसानों की आमदनी बढ़ेगी, आयात घटेगा और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। जब भारत के किसान संपन्न होंगे तो देश भी मजबूत होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान देगा।
कृषि राष्ट्रनिर्माण का आधार है
कृषि केवल आजीविका नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार है। जब युवा इसे व्यवसाय के रूप में अपनाएंगे, तो स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और बेरोजगारी दर में कमी आएगी। यही कारण है कि, मैं किसानों को जागरूक करने और उनके सहयोग करने के लिए सदैव तत्पर रहता हूँ।
