रविकांत सिंह राजपूत- मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ जिले में अवैध रेत उत्खनन को लेकर अब जनाक्रोश खुलकर सामने आ गया है। लंबे समय से स्थानीय प्रशासन की कथित अनदेखी और कार्रवाई के अभाव से नाराज़ जनप्रतिनिधियों ने अब सीधे मोर्चा संभाल लिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि, जनता और जनप्रतिनिधि दोनों सड़कों पर उतरकर रेत माफियाओं के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की तैयारी में हैं।
जिला पंचायत सदस्य सुखमंती सिंह और अनीता चौधरी ने ग्रामीणों के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि, क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध रेत उत्खनन हो रहा है और इसमें भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन इस पर प्रभावी रोक लगाने में विफल रहा है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जुटे हुए हैं, जो इस मुद्दे को लेकर बेहद आक्रोशित हैं।
मनेंद्रगढ़ जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का उग्र विरोध। जिला पंचायत सदस्य अनिश्चितकालीन धरने पर, घुघरी-घोरधरा में ट्रक-डंपर रोके गए। इस मुद्दे को लेकर विधायक रेणुका सिंह से भी सवाल किया गया है। @MCBDistrictCG #Chhattisgarh pic.twitter.com/d4QumjLYfD
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) March 30, 2026
सख्त कार्रवाई नहीं होने पर लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
धरने पर बैठीं जनप्रतिनिधियों ने साफ कहा है कि, जब तक अवैध उत्खनन पूरी तरह बंद नहीं होगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी मांग की कि मशीनों के उपयोग पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
विधायक रेणुका सिंह से कार्रवाई की मांग
इधर, इस पूरे मामले में स्थानीय विधायक रेणुका सिंह को भी घेरा गया है। जनप्रतिनिधियों ने उनके पुराने बयानों और वादों की याद दिलाते हुए कहा कि, अब समय आ गया है कि वे अपने शब्दों पर खरा उतरें और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करें।
ग्रामीणों ने रोके ट्रक और डंपरों के रास्ते
स्थिति उस वक्त और गंभीर हो गई जब घुघरी और घोरधरा क्षेत्र में ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभालते हुए दर्जनों ट्रक और डंपरों को रास्ते में ही रोक दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक अवैध उत्खनन बंद नहीं होगा, तब तक वे इसी तरह विरोध जारी रखेंगे।









