रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शासकीय दुधाधारी गर्ल्स पीजी कॉलेज में 12 दिवसीय सूक्ष्म उद्यमिता विकास कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ उद्यमिता विकास केंद्र एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत, भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं और युवाओं में उद्यमिता के प्रति जागरूकता विकसित करना स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करना है। यह पहल मुख्यमंत्री के “विकसित छत्तीसगढ़” के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

राज्य में एमएसएमई विकास के लिए कर रही निरंतर कार्य
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाकर “मेक इन इंडिया पहल को गति देने के प्रयासों के अनुरूप यह कार्यशाला आयोजित की गई। वहीं एमएसएमई के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला उद्यमिता को एक प्रभावी करियर विकल्प के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। ईडीसी छत्तीसगढ़ टीम, डॉ. अमित कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में राज्य में एमएसएमई विकास के लिए सतत एवं सशक्त उद्यमी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
विभाग से मिलने वाली सुविधाओं के लिए दी जानकारी
उद्घाटन सत्र में जिला उद्योग एवं व्यापर केंद्र के प्रतिनिधियों प्रीती खंडेलवाल स्टार्टअप प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट की उपस्थिति रही एवं उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया। विभाग के तरफ से मिलने वाली सुविधों की जानकारी साझा की। साथ ही भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान से गुरु कल्याण नायक, मुकुल वेदी, डॉ. संदीप यादव, विनय यादव उपस्थित रहे। जिन्होंने प्रतिभागियों को उद्यमिता के महत्व, आत्मनिर्भरता के अवसरों तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से व्यवसाय स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी।
छात्राओं को किया प्रेरित
महाविद्यालय की ओर से प्राचार्य डॉ. जया तिवारीने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, वर्तमान समय में उद्यमिता युवाओं के लिए एक सशक्त विकल्प के रूप में उभर रही है और इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय केप्रोफेसर कीर्ति श्रीवास, प्रोफेसर ऋतु मरवाह, मुक्ता मल्होत्रा भी उपस्थित रहीं और उन्होंने छात्राओं को प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

उद्यमिता से जुड़े विभिन्न जानकारी दी गई
यह 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को उद्यमिता से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक और प्रबंधन संबंधी विषयों पर व्यापक जानकारी प्रदान करेगा। प्रशिक्षण के दौरान उद्यमिता की अवधारणा और महत्व, व्यवसायिक अवसरों की पहचान, स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यम स्थापना, बाजार सर्वेक्षण एवं बाजार विश्लेषण, व्यवसाय योजना (बिजनेस प्लान) एवं परियोजना रिपोर्ट तैयार करना, लागत एवं लाभ का विश्लेषण, वित्तीय प्रबंधन, बैंकिंग प्रणाली एवं ऋण सुविधाओं की जानकारी, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का परिचय, विपणन रणनीतियां, डिजिटल मार्केटिंग, उत्पाद की ब्रांडिंग और पैकेजिंग, ग्राहक प्रबंधन, उद्यम संचालन के कानूनी और पंजीकरण संबंधी पहलू को सफल उद्यमियों के अनुभव साझा करना जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है।
बड़ी संख्या में छात्राओं ने लिया उत्साहपूर्वक भाग
प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, समूह चर्चा, केस स्टडी, विशेषज्ञ व्याख्यान और फील्ड विजिट के माध्यम से उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया है। यह प्रशिक्षण उन्हें भविष्य में स्वयं का उद्यम स्थापित करने, रोजगार सृजन करने तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा।










