कमालुद्दीन अंसारी- कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के कलेक्टरेट परिसर में संचालित 'कोरिया मिलेट्स कैफे' आज महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुका है। महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित इस कैफे में 31 महिलाएं मिलकर स्वादिष्ट और सेहतमंद मिलेट्स आधारित व्यंजन तैयार कर रही हैं। अपनी गुणवत्ता और स्वाद के कारण यह कैफे लोगों की पसंदीदा जगह बन गया है। यहां कार्यरत अधिकांश महिलाएं अब 'लखपति दीदी' के रूप में भी पहचान बना चुकी है
इस कैफे में कोदो शाही खीर, ज्वार का गुलाब जामुन, कोदो उपमा, रागी चीला, बाजरा चीला, ज्वार चीला, ज्वार पकोड़ा, बाजरा डोसा, ज्वार पराठा, कोदो कर्ड राइस, कोदो फ्राइड राइस, मिलेट्स पनीर चिल्ली और मिलेट्स मंचूरियन जैसे कई प्रकार के पौष्टिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं।
इन जिलों में सात दिवसीय प्रशिक्षण
कोरिया मिलेट्स कैफे की खास बात यह है कि, यहां विभिन्न धर्म, वर्ग और जाति की महिलाएं मिलकर कार्य कर रही हैं। कैफे में कार्यरत हिना ने बताया कि, कैफे शुरू करने से पहले उन्होंने रायपुर में 18 दिनों का प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसमें मिलेट्स से बनने वाले विभिन्न व्यंजनों को बनाना सिखाया गया। इसके बाद उन्होंने सरगुजा, महासमुंद, कोरबा और मुंगेली-बिलासपुर में भी सात दिवसीय प्रशिक्षण देकर अन्य महिला समूहों को प्रशिक्षित किया।
62 लाख रुपये का मिला लाभ
अब तक करीब 32 महीनों में कोरिया मिलेट्स कैफे ने लगभग 1 करोड़ 65 लाख रुपये का कारोबार किया है, जिसमें से 62 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है। जिले में आयोजित राज्योत्सव और कोरिया महोत्सव जैसे आयोजनों में भी इस कैफे के स्टॉल लगाए जाते हैं, जहां लोगों को मिलेट्स से बने व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलता है।
आत्मनिर्भर बनकर परिवार की आर्थिक स्थिति कर रहीं मजबूत
अगस्त 2025 में महाराष्ट्र के जलगांव में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कोरिया मिलेट्स कैफे की महिलाओं से बातचीत कर उनके कार्यों की सराहना की थी। कैफे में कार्यरत महिलाओं का कहना है कि, इस पहल से उन्हें न केवल रोजगार मिला है, बल्कि समाज में सम्मान और पहचान भी मिली है। पहले जहां उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।