कोरबा जिले में अडानी पावर की 800 मेगावाट विस्तार परियोजना पर जनसुनवाई संपन्न। 16 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव को बड़ी संख्या में समर्थन मिला।

उमेश यादव- कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 800 मेगावाट के साथ बिजली परियोजना का विस्तार अडानी पावर करने जा रहा है। तमाम तरह की आशंकाओं के बीच कोरबा जिले में इस परियोजना की जनसुनवाई पूरी हो गई। बड़ी संख्या में लोगों ने इसका समर्थन किया जबकि कुछ लोगों के द्वारा विरोध भी किया गया। जनसुनवाई की रिपोर्ट प्रशासन के द्वारा पर्यावरण मंत्रालय नई दिल्ली को भेजी जाएगी।

कोरबा जिले में पिछले कुछ वर्षों तक संचालित हुई लैंको अमरकंटक पावर प्रोजेक्ट का आधिपत्य बीते वर्ष अडानी पावर क हाथों में आ गया। पहले यहां 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था। नए प्रबंधन ने अब इसी स्थान से 800 मेगावाट बिजली बनाने के लिए विस्तार की प्लानिंग की है। 

गिनती के ही लोगों ने किया विरोध
प्रबंधन की ओर से किए गए आवेदन के आधार पर सरगबुंदिया गांव में जन सुनवाई का आयोजन प्रशासन के अधिकारी की देखरेख में किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह कार्य संपन्न कराया गया। यहां पर काफी लोगों ने परियोजना को लेकर अपनी बात रखी। जबकि गिनती के ही लोगों ने विरोध में अपने विचार रखे।

एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से प्रदूषण होगा ना के बराबर
प्रबंधन के एक अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, जनसुनवाई का कार्य सहजता के साथ संपन्न हो गया। इसके साथ आगे के कार्य क्रियान्वित कराए जाएंगे। अदानी पावर के अधिकारी ने एक सवाल के जवाब में बताया कि, दही टेक्नोलॉजी के साथ इस प्लांट में यूनिट नंबर दो और तीन का निर्माण कराया जाएगा। एडवांस्ड टेक्नोलॉजी होने के कारण प्रदूषण ना के बराबर होगा। हम आसपास की कम्युनिटी को सुविधा देने के लिए काम करेंगे। 

कुछ मामलों में होगी कठिनाइयों
छत्तीसगढ़ के औद्योगिक तीर्थ के रूप में कोरबा का नाम पिछले कई दशक से शामिल है। जहां पर अल्युमिनियम बिजली और कोयला के अलावा कई छोटे बड़े उद्योग संचालित है। औद्योगीकरण के कारण होने वाली चुनौतियां कोरबा में लोगों को प्रत्यक्ष परोक्ष रूप से जहां पर लाभ प्राप्त हो रहे हैं। वहीं कुछ मामलों में कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ रहा है। अदानी पावर आने वाले समय में जनहित में क्या कुछ करता है, इसका सभी को इंतजार रहेगा।