कांकेर जिले में धर्मांतरण के खिलाफ जागरूकता अभियान का असर दिखने लगा है। जामगांव में चार परिवारों के 14 सदस्यों ने ईसाई धर्म छोड़कर सनातन धर्म में घर वापसी की।

गौरव श्रीवास्तव- कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में ईसाई धर्म अपना चुके लोगों का सनातन धर्म में वापसी का सिलसिला जारी है। गुरुवार को भैंसमुंडी में 3 परिवार के 16 सदस्यों की मूल धर्म में वापसी के बाद शुक्रवार को जामगांव में चार परिवार के 14 सदस्यों ने ईसाई धर्म छोड़कर मूल धर्म में वापसी की है। 

आपको बता दें कि, सर्व समाज और गांव के लोगों ने पारंपरिक तरीके से सभी का सनातन धर्म में वापसी करवाई है। बताया जा रहा है कि, पमार परिवार के एक महिला की मौत के बाद परिवार ने अपने मूल धर्म में वापसी की इच्छा जताई थी। महिला का अंतिम संस्कार पारंपरिक रीति रिवाज से किया जा सके। 

बीमारी के इलाज करवाने के बहाने धर्मांतरण
कांकेर जिले में बीते 2 माह में धर्मांतरण के खिलाफ बने माहौल और सर्व समाज के द्वारा गांव-गांव में जागरूकता अभियान के चलते अब तक सैकड़ों की संख्या में ईसाई धर्म अपना चुके लोग अपने मूल धर्म में वापस आ चुके है। जिसमें अधिकांश लोगों का यही कहना है कि, घर में बीमारी के बाद इलाज का बहाना बनाकर उन्हें ईसाई धर्म में शामिल किया गया था। 

एक परिवार के कुल 14 सदस्यों की मूल धर्म में वापसी
गौरतलब है कि, लोगों ने यह स्वीकार कर लिया है कि अपने मूल धर्म में रहकर ही वो अपना जीवन बेहतर तरीके से जी सकते है। जामगांव में कमलेश पमार की पत्नी की मौत हो गई थी, जिनका उन्होंने अपने पारंपरिक रीति रिवाज से अंतिम संस्कार की इच्छा जताई थी। जिसके बाद गांव में हुई बैठक के बाद कमलेश पमार के अलावा उनके संबंधी रवि पमार, कृष्णा पमार और वीरेंद्र पमार सहित चार परिवार के कुल 14 सदस्यों ने अपने मूल धर्म में वापसी की है।