विजय पांडेय- कांकेर। छत्तीसगढ़ में नक्सल सरेंडर की डेडलाइन खत्म होने के 20 दिन बाद नक्सलियों का आत्मसमर्पण जारी है। इसी कड़ी में सोमवार को 8 लाख का ईनामी पीपीसीएम दारसू शोरी ने एके 47 के साथ के साथ सरेंडर किया है। कांकेर जिले में अब भी 13 नक्सली बचे हुए है, उसमें सबसे बड़ा नाम चंदर और मंगलू पद्दा के हैं।
एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि, पीपीसीएम रैंक का माओवादी दारसु शोरी जिस पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित था, उसने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण के दौरान उसने एक एके-47 राइफल भी जमा कराई, जो उसकी सक्रियता और संगठन में उसकी भूमिका को दर्शाती है। पुलिस के अनुसार पीपीसीएम दारसु शोरी लंबे समय से माओवादी संगठन में सक्रिय था और कई गतिविधियों में शामिल रहा है। हालांकि, हाल के दिनों में शासन की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के चलते उसने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया।
पुनर्वास नीति के तहत दी जाएंगी सुविधाएं
आत्मसमर्पण के बाद अब उसे शासन की पुनर्वास नीति के तहत सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। सबसे अहम बात यह है कि दारसु शोरी से मिली जानकारी के आधार पर अब पुलिस अन्य सक्रिय माओवादी कैडरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे आने वाले समय में और भी माओवादी आत्मसमर्पण कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।
इन नक्सलियों की तलाश अब भी जारी
- कुमारी माली निवासी ग्राम मुंदेर थाना नेलसनार जिला बीजापुर
- मंगलू पद्दा निवासी उकड़ थाना सोनपुर जिला नारायणपुर
- मंगेश परचापी उर्फ सोमलू निवासी माड़ क्षेत्र
- मनीषा कोर्राम निवासी कोटमेटा
- जिला मरकाम निवासी दक्षिण बस्तर
- कुमारी सनकी ग्राम दोड़गेजोड़ा थाना परतापुर
- सोमा पोड़ियाम निवासी इंद्रावती एरिया जिला बीजापुर
- लखमी पद्दा निवासी मरकाबेड़ा थाना सोनपुर जिला नारायणपुर
- सुकदास उइका निवासी दक्षिण बस्तर क्षेत्र
- जानकी सोढ़ी निवासी दक्षिण क्षेत्र
- मोनिका निवासी पश्चिम बस्तर क्षेत्र
- दारसू शोरी ग्राम पिपरा थाना आमाबेड़ा
- होलिका पुनेम निवासी ग्राम कुमड़ पुसनार थाना गंगालूर जिला बीजापुर सक्रिय है।