अनिल सामंत- जगदलपुर। बस्तर पंडुम के शुभारंभ समारोह में अबूझमाड़ के सुदूर वनांचल से आए मल्लखंभ के नन्हे खिलाड़ियों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के समक्ष अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन किया। हजारों स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच अबूझमाड़ मल्लखंभ एंड स्पोर्ट्स एकेडमी के खिलाड़ियों ने लकड़ी के खंभे पर असाधारण संतुलन, फुर्ती और साहसिक करतब दिखाकर पूरे वातावरण को विस्मय और गर्व से भर दिया।
यह पहला अवसर था जब अबूझमाड़ क्षेत्र के बच्चों ने एक साथ राष्ट्रपति के समक्ष मल्लखंभ का जीवंत प्रदर्शन किया। प्रस्तुति के दौरान बच्चों का आत्मविश्वास, तकनीकी दक्षता और अनुशासन दर्शकों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया। राष्ट्रपति ने बच्चों की प्रतिभा से प्रभावित होकर तालियां बजाईं, मुक्तकंठ से प्रशंसा की और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। नारायणपुर जिले के कुटूर, करपा और परपा जैसे दुर्गम इलाकों से निकलकर इन बच्चों ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की नहीं, संकल्प की मोहताज होती है।
अबूझमाड़ से दुनिया तक, सफलता की क्रमबद्ध कहानी
इन नन्हे खिलाड़ियों ने ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ का खिताब जीतकर और ‘रोमानियाज गॉट टैलेंट’ में उपविजेता बनकर वैश्विक पहचान बनाई है, भारत सहित कई देशों में 40 से 50 से अधिक टीवी शो और सैकड़ों मंचीय प्रस्तुतियों में भाग लिया है। विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण और रजत पदक अर्जित किए हैं। अब दल का लक्ष्य 'अमेरिकाज गॉट टैलेंट' और 'ब्रिटेन्स गॉट टैलेंट' जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर भारत और अबूझमाड़ की लोक-कला का परचम लहराना है, जो बदलते बस्तर की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत करता है।