समोदा और झेंझरी में 5 एकड़ 62 डिसमिल में अफीम की खेती के खुलासे के बाद राज्य शासन ने आदेश जारी किया है।  

दुर्ग। समोदा और झेंझरी में 5 एकड़ 62 डिसमिल में अफीम की खेती के खुलासे के बाद राज्य शासन ने आदेश जारी किया है कि जिले के सभी फेंसिंग और बाउंड्री वाले खेतों -की जांच की जाए। फार्म हाउस में दबिश दी जाए, जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले के  तीनों ब्लॉक दुर्ग, धमधा और पाटन में खेतों की जांच शुरू करा दी है। इस कार्य में तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षण, पटवारी, कोटवार को काम पर लगाया गया है। उनके द्वारा फेंसिंग, बाउंड्री वाले बड़े खेत और फार्म हाउस की जांच की जा रही है। 

दुर्ग तहसीलदार प्रफुल गुप्ता ने ग्राम सिकोला की निजी भूमि की जांच की। उक्त खसरा नंबर बाउंड्रीवाल से घिरा हुआ था। निजी भूमि खसरा 288/1,288/4,288/5, 286,256,284/3 पर सरसों और गेहूं की फसल मिली। इसी तरह से ग्राम कारहीडीह, रिसाली, डुंडेरा, बोरसी, पोटियाकला आदि जगहों पर भी जांच की गई। दुर्ग के अलावा धमधा और पाटन में भी नियमित रूप से इस प्रकार की जांच की जा रही है। इधर इस मामले में प्रारंबिक जांच के बाद कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया गया है।

कृषि विस्तार अधिकारी निलंबित
समोदा मामले में शुक्रवार को समोदा की कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पटवारी अनिता साहू और सर्वेयर शशिकांत साहू को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। बता दें कि एकता साहू ने बिना बोर्ड के दुर्गम पदर्शन प्लाट चुना, जहां समान्य किसान का पहुंचना संभव नहीं था। 6 फरवरी को इस रिपोर्ट के ठीक एक महीने बाद यानी 6 मार्च को इसी जगह पर अफीम की खेती मिली। इतना ही नहीं शासन की योजना के तहत मक्का और चना की खेती के लिए प्रोत्साहन राशि भी जारी की गई। संबंधित खसरा नंबर पर लोन को लेकर जांच की जा रही है।