छत्तीसगढ़ में सिटी गैस (सीजीडी) डिस्ट्रीब्यूशन योजना के तहत अब पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक गैस पहुंचाने की तैयारी तेज कर दी गई है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रसोई गैस व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सिटी गैस (सीजीडी) डिस्ट्रीब्यूशन योजना के तहत अब पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक गैस पहुंचाने की तैयारी तेज कर दी गई है। 

मुख्य सचिव ने कुछ समय पहले इस परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने और सभी आवश्यक अनुमतियां समय पर देने के निर्देश दिए हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों की  मानें, तो इस संबंध में नई नीति तैयार की गई है, इसका अनुमोदन राज्य मंत्रिपरिषद कैबिनेट की बैठक (15 अप्रैल) में होने की संभावना है।

इस तरह से घर घर पहुंचेगी गैस
योजना के तहत प्राकृतिक गैस (पीएनजी) को सीधे घरों तक पाइपलाइन के जरिए पहुंचाया जाएगा। इसके लिए शहरों में गैस पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जो मुख्य ट्रांसपोर्ट पाइपलाइन से जुड़कर कॉलोनियों और घरों तक गैस सप्लाई करेगा। घरेलू कनेक्शन में मीटर, प्रेशर रेगुलेटर और पाइपलाइन के जरिए सीधे किचन तक गैस पहुंचेगी, जिससे सिलेंडर की आवश्यकता लगभग समाप्त हो जाएगी।

सात भौगोलिक क्षेत्र 42 लाख घरों में पहुंचेगी
राज्य में इस योजना को 7 भौगोलिक क्षेत्रों में लागू किया जा रहा है। सरकार ने वर्ष 2030 तक करीब 42 लाख घरों को पीएनजी कनेक्शन देने और 1100 सीएनजी स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। इससे परिवहन क्षेत्र में भी स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा मिलेगा।

सीएस कर चुके हैं उच्च स्तरीय समीक्षा
राज्य में मार्च में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीजीडी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद 25 मार्च 2026 को जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि सिटी गैस नेटवर्क को प्राथमिकता के साथ लागू किया जाए और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए।

आपसी समन्वय के साथ काम करें काम 
सीजीडी परियोजनाओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए अनुमति प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाए। साथ ही रोड कटिंग, राइट ऑफ वे और अन्य तकनीकी स्वीकृतियों को समयबद्ध तरीके से जारी किया जाए, ताकि परियोजना में देरी न हो। इसके अलावा नगरीय निकायों, लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है। नए भवनों, कॉलोनियों, अस्पतालों और संस्थानों में पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

30 प्रतिशत सस्ती
प्राकृतिक गैस को एलपीजी की तुलना में सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है। बताया गया है कि यह गैस एलपीजी से 30 प्रतिशत सस्ती होगी पाइपलाइन से गैस की निर्बाध आपूर्ति होने से उपभोक्ताओं को सिलेंडर खत्म होने की चिंता नहीं रहेगी, वहीं मीटर आधारित बिलिंग से पारदर्शिता भी बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सीजीडी नेटवर्क के विस्तार से छत्तीसगढ़ में शहरी जीवन आसान होगा, उद्योगों को सस्ता ईंधन मिलेगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी। आने वाले समय में यह योजना राज्य की ऊर्जा व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाली साबित हो सकती है।

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