अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच एक माह से भी ज्यादा समय से चल रहे युद्ध की आग में देश के कई सेक्टरों पर भी मार पड़ रही है। 

राजकुमार ग्वालानी- रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच एक माह से भी ज्यादा समय से चल रहे युद्ध की आग में देश के कई सेक्टरों पर भी मार पड़ रही है। खाड़ी देशों में कई सामानों का जाना बंद होने के कारण इसके दाम स्टॉक ज्यादा होने के कारण कम हो गए हैं, वहीं कई सामानों की दूसरे देशों से सप्लाई प्रभावित होने के कारण कीमत ज्यादा हो गई है। भारत से कई तरह के सामान दूसरे देशों में जाते हैं और कई देशों से भारत में सामान आते हैं। भारत से तरबूज, केला, आलू और प्याज, अंडा और चावल भी खाड़ी देशों में जाते हैं। इनका जाना बंद होने के कारण इसके दाम बहुत कम हो गए हैं। दूसरी तरफ बाहर के देशों से आने वाले ड्राई फ्रूट्स के दाम बढ़े हैं। इसी के साथ खाद्य तेलों के दाम में भी इजाफा हुआ है। मोबाइल की चिप्स के कारण इसके दाम भी बढ़े हैं।

तरबूज के दाम आधे
देश से भारी मात्रा में तरबूज इराक, दुबई, बहरीन सहित कई खाड़ी देशों में जाता है। इस बार युद्ध के कारण यह नहीं जा पा रहा है। ऐसे में इसके दाम अपने राज्य में भी आधे हो गए हैं। जो तरबूज बीते साल थोक में 12 से 15 रुपए और चिल्हर में 20 से 30 रुपए में बिक रहा था, वह इस बार थोक में 7 से 8 रुपए और चिल्हर में 15 रुपए किलो बिक रहा है।

आलू के दाम इतने कम
खाड़ी देशों में अपने देश से आलू और प्याज भी जाते हैं। प्याज तो कम मात्रा में जाता है, लेकिन आलू बहुत जाता है। आलू का खाड़ी देशों में जाना बंद होने के कारण पहली बार इसके दाम बहुत कम हो गए हैं। भनपुरी थोक मंडी के अध्यक्ष अजय अग्रवाल के मुताबिक इस समय आलू के दाम थोक में 5 से 6.5 रुपए तक हैं। पहले कभी इसके दाम इतने कम नहीं रहे हैं। प्याज के दाम भी इस समय बहुत कम हैं। थोक में यह 10 से 12 रुपए और चिल्हर में 20 से 25 रुपए किलो बिक रहा है।

केले के दाम थोक में घटे
अपने देश से केले भी भारी संख्या में खाड़ी देशों में जाते हैं। ये केले महाराष्ट्र सहित और कई राज्यों से जाते है। केलों का बाहर जाना बंद होने के कारण इसके दाम 75 फीसदी तक कम हो गए। राजधानी के कारोबारियों के मुताबिक मप्र और महाराष्ट्र में जो केला पहले दो से ढाई हजार रुपए क्विंटल बिकता था, उसके दाम 400 से 12 सौ रुपए तक हो गए हैं। हालांकि अपने राज्य में केले के दाम ज्यादा कम नहीं हुए हैं। थोक में यहां 10 से 15 रुपए किलो और चिल्हर में 20 से 25 रुपए दर्जन में केले बिक रहे हैं। ये केले लोकल हैं।

अंडों के दाम कम
देश के कई राज्यों से रोज एक करोड़ अंडे कुवैत जाते हैं। इनका जाना बंद होने के कारण अपने राज्य में भी अंडों की कीमत कम हो गई है। पोल्ट्री फार्म में इसके दाम 3.70 रुपए और चिल्हर में 4.50 से 5.00 रुपए हैं।

बासमती के दाम घटे
खाड़ी देशों में पंजाब और दिल्ली से बासमती चावल जाता है, इसका जाना बंद होने के कारण इसके दाम 10 से 15 रुपए किलो कम हो गए हैं। अलग-अलग ब्रांड के बासमती चावल के दाम 80 से 200 रुपए किलो तक रहते हैं। इसके ब्रांड के हिसाब से दाम कम हुए हैं।

खाद्य तेलों के दम बढ़ें 
खाद्य तेलों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। खाद्य तेलों में सोया और राइसबान के दाम ही ज्यादा बढ़ रहे हैं। जो कीर्ति गोल्ड एक माह पहले 130 रुपए लीटर था, वह अब 170 रुपए लीटर हो गया है। इसी के साथ राइसबान के दाम भी 165 से 170 रुपए हो गए हैं। थोक कारोबारी प्रेम पाहुजा के मुताबिक बाहर से सोया तेल का कच्चा माल और पक्का माल भी आता है। वहां से सप्लाई प्रभावित होने के कारण इसके दाम बढ़ रहे हैं। इसी के साथ जहां पर सोया तेल की कमी है, वहां पर राइसब्रान की मांग के कारण इसके दाम भी बढ़ रहे हैं।

मोबाइल के दाम रोज बढ़ रहे 
मोबाइल में लगने वाली चिप्स ताइवान और अमेरिका से आती है। ऐसे में इसके दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। मोबाइल कारोबारी राजेश वासवानी के मुताबिक रोज किसी न किसी मॉडल के दाम बढ़ रहे हैं। 10 हजार रुपए वाले मोबाइल की कीमत अब 16 हजार हो गई है। एप्पल मोबाइल के दाम भी सात-सात हजार बढ़े हैं।

ड्राई फ्रूट्स के दाम बढ़ें 
ड्राई फ्रूट्स के दाम में भी भारी गर्मी आ गई है। आवक कम होने से दाम 30 फीसदी तक बढ़ गए हैं। ईरान से आने वाला बड़ी साइज का मामरा बादाम चार हजार के पार हो गया है। अन्य बादाम के दाम 26 सौ से 3000 हजार रुपए हैं। इसी तरह से ईरानी पिस्ता के दाम 32 सौ रुपए किलो हो गए हैं। ईरानी पिस्ता की कीमत तीन हजार के पारहो गई है। यह पहले 28 सौ रुपए किलो था जो अब 32 सौ रुपए किलो हो गया है। अन्य पिस्ता 23 से 25 सौ रुपए थोक में और चिल्हर में इसके दाम 25 से 27 सौ रुपए हैं। अमेरिकन पिस्ता 15 सौ रुपए किलो है।

(छत्तीसगढ़ के जिले, कस्बे और गांवों की खबरों के लिए हरिभूमि का "ई-पेपर" पढ़ें।  यहां क्लिक करें epaper haribhoomi या प्लेस्टोर से "हरिभूमि हिंदी न्यूज़" App डाउनलोड करें।)