रायपुर। राजधानी रायपुर के दुर्गा कालेज में गुरुवार को आयोजित वार्षिक महोत्सव 'मिलन 2026' और विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी 'कला वाटिका' का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर धरसीवां विधायक अनुज शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। श्री शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके पश्चात उन्होंने छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार की गई साइंस एक्सीबिशन (कला वाटिका) का भ्रमण किया। प्रदर्शनी में छात्रों ने स्पेस रिसर्च, सैटेलाइट, सस्टेनेबल एनर्जी, स्मार्ट सिटी मॉडल और आधुनिक तकनीक पर आधारित कई उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए।
इस मंच पर आकर ऐसा लगा, मानो समय का पहिया घूम गया
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि, आज दुर्गा कॉलेज के इस मंच पर खड़े होकर मुझे ऐसा लग रहा है जैसे समय का पहिया पीछे घूम गया हो। इसी गलियारे में मेरी हंसी गूंजती थी, इन्हीं क्लासरूम्स में मैंने बड़े सपने देखना सीखा और आज आप सबको देखकर मुझे अपनी वही पुरानी ऊर्जा याद आ गई। जब मैं भी आप ही की तरह सामने बैठा करता था। इस कॉलेज की दीवारों ने मुझे सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन जीने का सलीका सिखाया।
आपको अपनी पहचान खुद बनानी पड़ेगी
श्री शर्मा ने कहा कि, दोस्तों दुनिया तुम्हें तुम्हारी पहचान से जानेगी, और वो पहचान तुम्हें खुद बनानी होगी। अपनी छत्तीसगढ़ी माटी पर गर्व करना सीखो, क्योंकि जो अपनी जड़ों का सम्मान नहीं करता, वो ऊँचाई पर टिक नहीं पाता। दुनिया आपसे कहेगी कि, यह मुमकिन नहीं है, लेकिन आपको खुद पर अटूट विश्वास रखना होगा। सफलता रातों-रात नहीं मिलती। जैसे एक बीज को पेड़ बनने में समय लगता है, वैसे ही आपकी मेहनत को परिणाम देने में समय लगेगा। डिग्री हासिल करना शिक्षा का एक पड़ाव है, लेकिन अपनी प्रतिभा को पहचानना जीवन की असली उपलब्धि है। कॉलेज की चारदीवारी के भीतर आप केवल छात्र नहीं हैं, बल्कि आने वाले कल के देश के निर्माता हैं।
यह मंच आज भी मेरे दिल के करीब : शर्मा
अंत में उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि दुर्गा कॉलेज का यह मंच आज भी मेरे दिल के करीब है। मेरी सफलता में इस कॉलेज की बहुत बड़ी भूमिका हैं। यहाँ के शिक्षकों का आशीर्वाद ही मेरी असली पूंजी है। आप सभी छात्र देश का भविष्य हैं, अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं और कॉलेज का नाम रोशन करें। विज्ञान और कला के इस अनोखे संगम में छात्रों ने बेकार पड़ी वस्तुओं (Best out of Waste) से सुंदर कलाकृतियाँ और वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत किए जिसका श्रीं शर्मा नें जमकर तारीफ़ की।
