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गौरव श्रीवास्तव- कांकेर। सुरक्षाबलों को नक्सल मोर्चे पर लगातार सफलता मिल रही है। इसी कड़ी में उन्हें एक और बड़ी सफलता मिली है हालांकि, पुलिस अभी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है। इधर नक्सलियों ने बैनर लगाकर इस बात को कन्फर्म कर दिया है कि, खूंखार नक्सली नेता प्रभाकर पुलिस के हत्थे चढ़ गया है।
दरअसल, 19 दिसंबर को पुलिस ने घेराबंदी कर प्रभाकर को पकड़ा था लेकिन पुलिस अधिकारियों ने इस बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया था। अब नक्सलियों ने अंतागढ़ इलाके में बैनर लगाकर प्रभाकर के पुलिस के कब्जे में होने की बात कही है। साथ ही उसे तत्काल सुरक्षित कोर्ट में पेश करने की मांग की है।
1997 से संगठन में सक्रिय है प्रभाकर
बता दें कि, प्रभाकर वो नक्सली है जिसके हाथ सैकड़ों जवानों के खून से रंगे हैं। प्रभाकर वर्तमान में नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी का मेंबर बताया जा रहा है जो कि इसके पहले तक नक्सलियों के स्टेट जोनल कमेटी का मेंबर था और लंबे समय से उत्तर बस्तर डिविजन में सक्रिय है। प्रभाकर 1997 से नक्सल संगठन में सक्रिय है और वर्तमान में उसकी उम्र 53 साल है। प्रभाकर बीमारी के कारण जंगल से बाहर आया था और इलाज के लिए राजनांदगांव जाने की खबर थी, जहां से वापस लौटते समय पुलिस ने उसे धर दबोचा।
भेस बदलकर इलाज करवाने आया था प्रभाकर
बताया जा रहा है कि प्रभाकर शिक्षक का भेस लेकर इलाज करवाने आया था लेकिन पुलिस को मुखबिर से इस बात की पक्की खबर मिल गई थी, प्रभाकर पर 40 लाख से ज्यादा का इनाम घोषित है। इसके पकड़े जाने से उत्तर बस्तर डिविजन में नक्सल संगठन की कमर टूट सकती है। पुलिस ने पहले ही एनकाउंटर में नक्सलियों के कई बड़े लीडर्स को ढेर कर दिया है, उसके बाद उम्रदराज नेता के पकड़े जाने से नक्सलियों की कई अहम जानकारी पुलिस के हाथ लग सकती है।
