बेमेतरा जिले के प्रशिक्षण संस्थान डाइट में वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया। प्राचार्य जे के घृतलहरे ने माँ शारदे की पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। 

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के प्रशिक्षण संस्थान डाइट में वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य जे के घृतलहरे ने माँ शारदे की पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इस वार्षिक उत्सव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्थान के प्राचार्य जे के घृतलहरे थे।

प्रशिक्षु शिक्षकों को समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका  
प्राचार्य जे के घृतलहरे ने कहा कि,  वार्षिक उत्सव किसी भी संस्थान की वर्ष भर की उपलब्धियों, प्रतिभा और संस्कृति का जश्न मनाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। यह आयोजन छात्राध्यापकों में आत्मविश्वास, टीम वर्क और नेतृत्व जैसे गुणों को विकसित करने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखता है। यह कार्यक्रम सदस्यों के बीच एकता और मनोरंजन का संदेश भी देता है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों को समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को समझने और जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षण की गुणवत्ता ही भविष्य के शिक्षण स्तर को निर्धारित करती है
उप प्राचार्य डॉ कमल कपूर बंजारे ने कहा कि, प्रशिक्षण की गुणवत्ता ही भविष्य के शिक्षण स्तर को निर्धारित करती है। कार्यक्रम को सेवा पूर्व प्रशिक्षण प्रभाग  (पीएसटीई) प्रभारी अनिल कुमार सोनी ने भी संबोधित किया। उन्होंने प्रशिक्षण गतिविधियों, शैक्षणिक नवाचारों तथा संस्थान द्वारा वर्ष भर आयोजित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों की जानकारी छात्राध्यापकों को दी। वार्षिक उत्सव के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। जिसमें छात्राध्यापकों ने सुवा, करमा, ददरिया, जोहार जोहर गीत, रश्मि, मीरा, लीला, मेघा, शैल एवं साथियों के द्वारा प्रस्तुत किया गया।

छात्राध्यापकों ने दी सुंदर प्रस्तुति
वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों नैनो वाले ने नेहा, प्रियंका और साथियों के द्वारा टूकनी धरके आबे शुभम, अजय आँचल के द्वारा, करमा नृत्य अंजू, रितिका और साथियों के द्वारा, हम तो आदिवासी आन संध्या, खेमलता और साथियों के द्वारा, जाना जाना रे सुवा उड़ी जाना रे मीरा, लीला के द्वारा, जस गीत पूर्णिमा, दुलारी और साथियों के द्वारा, ओम शांति ओम शैल कुमारी, रेणुका और साथियों के द्वारा, महारास सुमन, अंजू आरती और साथियों के द्वारा, महाभारत की बहुत सुंदर प्रस्तुति श्रिया, दुवांशु और साथियों के द्वारा, भरथरी गीत रेशमी के द्वारा और सर्वधर्म गीत प्रार्थना कोमल शर्मा और साथियों के द्वारा प्रस्तुत किया गया। 

ये लोग रहे मौजूद 
इस कार्यक्रम का संचालन डाइट के वरिष्ठ व्याख्याता जी एल खुटियारे और यमुना जांगड़े ने किया। संस्थान के सहायक अध्यापक प्रहलाद कुमार टिकरिया, परसराम साहू, देवी प्रसाद चंदेश्वर कीर्ति घृतलहरे, श्रद्धा तिवारी, नागेंद्र शर्मा, कमलेश शर्मा, अमिंदर भारतीय, सत्येंद्र मिश्रा, सरस्वती साहू, पूनम पाण्डेय सहित सभी छात्राध्यापक उपस्थित रहे थे।