सौम्या यादव- धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया। दरअसल, कुरूद थाना क्षेत्र के बागौद स्थित एक सॉल्वेंट प्लांट में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे प्लांट में काम कर रहे मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
मिली जानकारी के अनुसार, इस हादसे में आग की चपेट में आने से तीन मजदूर घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और प्रशासन की टीम मामले की जांच में जुट गई है।
धमतरी जिले के कुरूद स्थित बागौद सॉल्वेंट प्लांट में भीषण आग लगने से तीन मजदूर घायल हो गए। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया, घटना के कारणों की जांच जारी है। @DhamtariDist #Chhattisgarh pic.twitter.com/fVWd1ayKI1
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) March 27, 2026
रेंगाखार सर्किल में लगी आग
वहीं 22 मार्च को कवर्धा जिले के रेंगाखार सर्किल अंतर्गत लावा बेरला बीट के जंगल में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया था। आग इतनी भयावह थी कि, बेशकीमती पेड़-पौधे जलकर खाक हो गए और वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है।
आग लगने का कारण अज्ञात
बताया जा रहा है कि, आग अज्ञात कारणों से लगी, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना के काफी देर बाद तक वन विभाग का अमला मौके पर नहीं पहुंचा। इससे विभाग की कार्यप्रणाली और लापरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं। समय रहते आग पर काबू पाया जाता तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
कुछ दिनों पहले भी लगी थी आग
उल्लेखनीय है कि, बीते कुछ दिनों पहले कांकेर जिले के बांदे वन परिक्षेत्र के नीड़दे गांव में जंगल में लगी आग ने एक किसान का घर जलाकर राख कर दिया था। आग की लपटें जंगल से होते हुए खेत तक पहुंच गईं और खेत में बने किसान के घर को अपनी चपेट में ले लिया था। देखते ही देखते कुछ ही देर में पूरा घर जलकर खाक हो गया।








