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रायपुर। छत्तीसगढ़ में सीएम विष्णुदेव सरकार स्कूली शि़क्षा में बड़ा बदलाव लाने जा रही है। जिसके तहत अब राज्य में क्वालिटी एजुकेशन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। जहां नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार ना सिर्फ पठन, पाठन और परीक्षा सिस्टम में बदलाव किये जा रहे हैं। बल्कि शिक्षकों को भी नई शिक्षा नीति के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसको लेकर अफसरों का कहना है कि, जब तक शिक्षकों को प्रतिक्षित कर दक्ष नहीं बनाया जाएगा। तब तक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति साकार नहीं हो पाएगा। वैसे नई शिक्षा नीति में शिक्षकों की ट्रेनिंग पर खूब जोर दिया गया है। इसके लिए शिक्षकों का चयन कर लिया गया है और स्कूलों के चुने हुए लीडरों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
स्किल के आधार पर शिक्षकों को दी जाएगी जिम्मेदारी
साय सरकार सरकारी स्कूलों में लीडरशीप प्रोग्राम चालू करने के लिए नक्शा तैयार कर रही है। इसके तहत पहले चरण में सभी हाई स्कूलों और हायर सेकेंड्री स्कूलों में एक-एक विषयों के लीडर तैयार किए जाएंगे। शिक्षकों के स्किल के आधार पर उन्हें जिम्मेदारी दी जाएगी। सरकार लैंग्वेज पर जोर दे रही है। प्रायवेट और आत्मानंद स्कूलों की तरह सभी सरकारी स्कूलों के बच्चे भी अंग्रेजी जानें। सरकार में बैठे अफसरों का मानना है कि, कम्यूनिकेशन के लिए अंग्रेजी की जानकारी होना आवश्यक है। इसलिए अंग्रेजी के लीडर पूरे स्कूल में बच्चों के लिए अंग्रेजी भाषा के लिए कार्यक्रम तैयार करेंगे कि, किस तरह बच्चों में स्किल डेवलप हो।
हर विषय के होंगे लीडर
लीडर का चयन स्कूल के शिक्षकों में से ही किया जाएगा। जिस शिक्षक की इंग्लीश अच्छी होगी, उसे मौका दिया जाएगा। यह एक तरह से स्कूल के इंग्लीश का कोआर्डिनेटर बन जाएगा। डिस्ट्रिक्ट और स्टेट लेवल पर भी वह अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व करेगा। इसी तरह गणित, साइंस, कंप्यूटर, कामर्स जैसे विषयों के लिए भी लीडर बनाए जाएंगे। इसके पीछे उदे्देश्य यह कि विषय विशेष लीडर की जिम्मेदारी मिलने के बाद शिक्षक ज्यादा बेहतर ढंग से काम करेंगे और इसमें उनकी एकाउंटबिलिटी भी होगी। देखा जाएगा कि वे इसमें कैसा परफार्म कर रहे हैं। प्रदर्शन अच्छा रहा तो उन्हें अपने स्कूल से बाहर भी मौका दिया जाएगा स्टेट लेवल पर काम करने के लिए।
आईआईएम में होगी शिक्षकों की ट्रेनिंग
इसके लिए शिक्षकों का चयन कर लिया गया है और स्कूलों के चुने हुए लीडरों को ट्रेनिंग दी जाएगी। आईआईएम के प्रोफेसर शिक्षकों को स्किल डेवलप के साथ ही बच्चों के सर्वांगिण विकास के बारे में बताएंगे साथ ही वे स्कूलों के प्रबंधन का भी प्रशिक्षण देंगे। पता चला है, सुशासन विभाग इसके लिए आईआईएम से सतत संपर्क में है।
