रायपुर। अंतर्राज्यीय चैन स्नैचिंग गिरोह के आठ शातिरों को एंटी क्राइम एंड साइबर सेल की टीम ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। इनमें सात महिलाएं तथा एक पुरुष है। गिरफ्तार आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं। एक आरोपी महाराष्ट्र, जलगांव का तथा सात आरोपी मध्यप्रदेश, इंदौर के रहने वाले हैं। शातिर राज्य में एक साल से सक्रिय थे। शातिरों ने राजधानी में एक दर्जन से ज्यादा चेन स्नैचिंग की है।
चैन स्नैचिंग के आरोप में पुलिस ने जिन शातिरों को गिरफ्तार किया है, उन लोगों ने छत्तीसगढ़ के साथ गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र में चैन स्नैचिंग की घटना को अंजाम दिया है। मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी क्राइम स्मृतिक राजनाला ने बताया कि गिरफ्तार गिरोह और उनसे जुड़े लोग आदतन चेन स्नैचिंग करने वाले अपराधी हैं। आरोपी ज्यादातर बुजुर्ग महिलाओं के साथ चेन स्नैचिंग करते थे। चेन स्नैचिंग करने शातिर भीड़ वाले बाजार के साथ सब्जी मंडी को सुरक्षित जगह मान कर चेन स्नैचिंग करते थे। आरोपियों से पूछताछ करने पुलिस ने कोर्ट से पुलिस रिमांड हासिल की है।
चेन स्नैचिंग के आरोप में इनकी गिरफ्तारी
- महाराष्ट्र, जलगांव
- उज्वाला हातागले
- मध्यप्रदेश, इंदौर
- संध्या सकटे
- सोनिया हातागले
- साखरा बाई
- ज्योति सकटे
- सरिता ज्वरे
- सपना हातागले
- अभय हातागले
फुटेज में चेन निकालते दिखा संदिग्ध
राजधानी में एक ही पैटर्न में लगातार हो रही चेन स्नैचिंग की वारदात को देखते हुए संबंधित थानों के साथ क्राइम ब्रांच की टीम ने घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की। पड़ाताल में पुलिस को कुछ संदिग्ध महिलाएं पीड़तिा के आसपास दिखाई दी तथा फूटेज में उन्हें पीड़तिा के गले में पहनी हुई सोने की चेन निकालते देखा गया। संदिग्धों के फूटेज के आधार पर पुलिस ने शातिरों को फॉलो कर इंटर स्टेट बस टर्मिनल के पास ट्रैप कर गिरफ्तार किया।
चेन बेच कर खरीदी नई लग्जरी कार
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि पूरे गिरोह को चेन स्नैचिंग करने ट्रेन या बस में जाने पर पकड़े जाने का भय रहता है। इसीलिए उन लोगों ने चोरी की चेन बेचकर मध्यप्रदेश, इंदौर से एक नई इनोवा कार खरीदी। कार खरीदने के बाद शातिर एक शहर से दूसरे शहर अपनी सुविधानुसार चेन स्नैचिंग करने के लिए जाती थीं।
वारदात करने का यह है तरीका
चेन स्नैचिंग करने महिलाएं आपस में दो से तीन ग्रुप में बंट जाती थीं। जहां चेन स्नैचिंग करनी होती थी, उस क्षेत्र का एक दिन पूर्व रैकी करने जाते थे। दूसरे दिन दो से तीन की संख्या में शातिर महिलाएं टार्गेट चयन करती थीं और उसका पीछा करती थीं। टार्गेट सब्जी खरीदने या कोई अन्य सामान खरीदने व्यस्त होती थी। इस दौरान गिरोह में शामिल एक महिला अपने टार्गेट को बातों में उलझा देती थी और दूसरी महिला चेन खींचकर अपने किसी अन्य साथी को थमा देती थी।
सैर करने आने के बहाने शहर में प्रवेश करते थे
शातिर जिस शहर में चेन स्नैचिंग करने जाते थे, वहां वे सभी टूरिस्ट बनकर जाते थे। एक शहर में दो से तीन दिन चेन स्नैचिंग करने के बाद किसी दूसरे शहर में चले जाते थे। शातिरों ने रायपुर के साथ दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, बिलासपुर तथा रायगढ़, कोरबा में भी चेन स्नैचिंग की घटना की है। इन शहरों में शातिरों ने कितनी चेन स्नैचिंग की घटना की है, आरोपियों से पूछताछ में इसका खुलासा होगा।
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