मंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में धान को लेकर एक बार फिर से हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष महंत ने चूहों के धान खाने पर स्थगन लाया और चर्चा की मांग की।

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को एक बार फिर से धान खरीदी और संग्रहण के मसले पर जोरदार हंगामा हुआ। संग्रहित धान को चूहों के खाने संबंधी खबरों पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्थगन प्रस्ताव लाया। प्रस्ताव नामंजूर होने पर विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। सभी विपक्षी सदस्य गर्भगृह में पहुंचकर हंगामा करने लगे।

स्थगन प्रसताव लाते हुए नेता प्रतिपक्ष श्री महंत ने कहा कि, किसानों के धान को चूहे खा गए, इस पर चर्चा होनी चाहिए। उनके साथ विपक्ष के अन्य विधायकों ने भी चूहों के धान खाने पर चर्चा की मांग की। खरसिया विधायक उमेश पटेल ने कहा- पूरे प्रदेश में चूहों के खाने की खबर आ रही हैं।  

भूपेश बोले- कर्मचारी चूहों को बदनाम कर रहे
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- सुशासन का दावा करने वाली सरकार में बड़ी गड़बड़ी हुई है। 22 लाख 71 हजार क्विंटल धान की कमी नजर आ रही है। अब तक यह धान जमा नहीं किया गया है, इस वजह से करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है।  शासकीय कर्मचारियों ने सभी जगह चूहों को बदनाम किया है। सभी जिलों में धान को मुसवा खाने की जानकारी आ रही है। श्री बघेल ने कहा कि, इस विषय पर सदन में सारे काम रोककर चर्चा होनी चाहिए। 

मंत्री का जवाब- धान को चूहों के खाने की बात गिलकुल गलत
विपक्ष के स्थगन पर खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा- छत्तीसगढ़ में 25 लाख किसानों से धान खरीदी की गई है। प्रदेश में 149 लाख मिट्रिक टन धान खरीदी की गई है। धान बेचने वाले किसानों को 46 हजार 277 करोड़ का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ किसानों के हक की चिंता करने वाला पहला राज्य है।

मंत्री ने बताया कि, 67 हजार टन धान संग्रहण केंद्रों में है, यह कहना बिल्कुल सही नहीं है  धान को संग्रहित रखा गया है। चूहे खाने की बात बिल्कुल गलत है। मंत्री ने सदन में बताया कि, 78 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। राइस मिलों के पास कोई भी धान शेष नहीं है। चावल जमा करने का काम राइस मिलर्स द्वारा किया जा रहा है। 

स्थगन नामंजूर, विपक्षी सदस्य गर्भगृह में पहुंचकर करने लगे हंगामा
मंत्री के जवाब के बाद सभापति ने विपक्ष के स्थगन को खारिज कर दिया। सभापति द्वारा स्थगन अग्राह्य करते ही नारेबाजी करते हुए कांग्रेस के विधायक गर्भगृह में पहुंच गए। गर्भगृह में जाने के कारण कांग्रेस के सभी विधायक स्वमेव निलंबित हो गए। हालांकि इसके बाद भी सदन में विपक्षी सदस्य हंगामा करते रहे। नारे लगाते हुए विपक्षी सदस्य गर्भगृह में पहुंच गए।