बिलासपुर जिले के पर्यटन मंडल के रिसार्ट में हिरण का शिकार कर मांस पकाया जा रहा था। टीम ने रिसार्ट में छापेमारी कर हिरण के पके मीट को बरामद कर लिया गया।

पंकज गुप्ते- बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के पर्यटन मंडल के रिसार्ट में हिरण का शिकार किया गया। वन विभाग की टीम ने रिसार्ट में छापेमारी कर हिरण के पके मीट बरामद किए है। मैनेजर समेत 6 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला कोटा क्षेत्र के बेलगहना स्थित कुरदर के एथनिक रिसार्ट का है।

मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को सूचना मिली थी कि, बेलगहना वन परिक्षेत्र के कुरदर स्थित प्राइवेट रिसार्ट में हिरण का शिकार कर उसके मांस को पकाया जा रहा है। जिसके बाद अफसरों ने रिसार्ट में दबिश देकर तलाशी ली तो वहां किचन में कड़ाही पर हिरण का मांस पकाया जा रहा था। जिसके बाद उसे जब्त कर लिया गया। 

पर्यटन मंडल के रिसार्ट में पक रहा था हिरण का मांस 

मैनेजर और कर्मचारियों के लिए बन रहा था हिरण का मांस 
जांच में पता चला कि, एथनिक रिसार्ट पर्यटन मंडल संचालित करता है। जहां 8 से 10 कर्मचारी काम करते हैं। वहां मैनेजर और कर्मचारियों के लिए हिरण का मांस बनाया जा रहा था। टीम ने कुक रामकुमार टोप्पो समेत रिसॉर्ट के मैनेजर रजनीश सिंह सहित रमेश यादव, संजय वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन का केस दर्ज किया गया है। 

पूछताछ के बाद कुक को किया गिरफ्तार 
वन विभाग के अफसरों ने मैनेजर रजनीश सिंह के साथ कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने खुद का बचाव करते हुए कहा कि, उन्हें नहीं पता मांस किसका है और पूरा दोष कुक रामकुमार टोप्पो पर मढ़ दिया। वहीं कुक रामकुमार ने कहा कि उसे इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है। उसे गांव के जनक बैगा ने पत्ते में मांस लाकर दिया था। आरोपियों का बयान दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। 

जब्त मांस को जांच के लिए जबलपुर लैब भेजा जाएगा
वन विभाग अफसरों ने बताया कि, जब्त मांस को जांच के लिए जबलपुर लैब भेजा जाएगा, ताकि पुष्टि हो सके कि यह हिरण का ही मांस है या नहीं। हालांकि, विभाग की जांच में हिरण के बाकी अवशेषों का कुछ पता नहीं चल सका है। आपको बता दें कि, कोटा-बेलगहना क्षेत्र में इससे पहले भी वन्य जीवों के शिकार हो चुके हैं। जंगल में करंट लगाकर बाघ-तेंदुआ के साथ ही जंगली सुअरों का भी शिकार किया जा रहा है।