एकादश अपर सत्र न्यायाधीश ने पत्नी पर जानलेवा हमला करने के आरोपी पति को पांच साल के लिए जेल भेजने का निर्णय दिया है।

पंकज गुप्ते-बिलासपुर। चरित्र शंका के चलते अपनी पत्नी पर हंसिया से प्राणघातक हमला करने वाले आरोपी लोमश सिंह ठाकुर उर्फ छोटे को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। एकादश अपर सत्र न्यायाधीश विजेन्द्र सोनवानी की अदालत ने आरोपी को धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत 5 साल के सश्रम कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। 

मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र राव सोमवार ने पैरवी की। दरअसल घटना 5 मार्च 2024 की शाम करीब 7:30 बजे तखतपुर के वार्ड क्रमांक 01, चुलहट रोड की है। आरोपी लोमश सिंह अपनी पत्नी दानेश्वरी ठाकुर के चरित्र पर शक करता था। इसी विवाद के चलते उसने घर में रखे लोहे के हंसिया से दानेश्वरी के सिर और पेट पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।

कई टुकड़ों में बंट गई थी सिर की हड्डी
हमले में दानेश्वरी के सिर की हड्डी कई टुकड़ों में टूट गई थी और पेट में गहरा घाव हुआ था। पीड़िता के भाई लीलक सिंह ठाकुर ने मामले की रिपोर्ट तखतपुर थाने में दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसे आरोपी के बड़े भाई मोहन सिंह ने फोन कर घटना की जानकारी दी थी। गंभीर हालत में पीड़िता को पहले तखतपुर अस्पताल और फिर सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया था, जहां डॉक्टरों ने समय पर ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए।

हो सकती थी पीड़िता की मृत्यु
डॉक्टर की रिपोर्ट और सिटी स्कैन में यह स्पष्ट हुआ कि, हमला इतना गंभीर था कि यदि समय पर इलाज न मिलता तो पीड़िता की मृत्यु हो सकती थी। हालांकि, न्यायालय ने आरोपी को धारा 294 (गाली-गलौज) और 506 (जान से मारने की धमकी) के आरोपों से साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया, लेकिन हत्या के प्रयास के जुर्म में कड़ी सजा सुनाई।