रायगढ़। बिलासपुर में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, साहित्य और कला को समर्पित प्रतिष्ठित बिलासा महोत्सव का 36वां आयोजन 14 और 15 मार्च को होगा। दो दिवसीय इस महोत्सव में प्रदेश भर के लोक कलाकार कर्मा, ददरिया, भरथरी, गम्मत और बारहमासी गीत-संगीत की रंगारंग प्रस्तुतियां देंगे। इस अवसर पर रायगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार बसंत राघव सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
आपको बता दें कि, पिछले 37 वर्षों से छत्तीसगढ़ की संस्कृति, साहित्य, कला, जल और पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य कर रही अग्रणी संस्था बिलासा कला मंच द्वारा 36वां बिलासा महोत्सव 14 एवं 15 मार्च को लाल बहादुर शास्त्री स्कूल परिसर, गोलबाजार बिलासपुर में आयोजित किया जाएगा।
बिलासा कला मंच के संस्थापक डॉ. सोमनाथ यादव ने बताया कि, लोककला को मंच देने और उसके संरक्षण के उद्देश्य से हर वर्ष इस महोत्सव का आयोजन किया जाता है। पहले यह तीन दिनों तक आयोजित होता था, जिसे वर्तमान में दो दिनों का किया गया है।
महोत्सव का शुभारंभ 14 मार्च को रात 7 बजे होगा। पहले दिन रायपुर के लोककलाकार गौतम चौबे और उनकी टीम ददरिया व नाचा की प्रस्तुति देंगे। इसके बाद राजनांदगांव की लोक कलाकार हिमानी वासनिक अपनी मंडली के साथ भर्तृहरि गायन प्रस्तुत करेंगी। वहीं बिलासपुर के लोक कलाकार रामावतार चंद्राकर अपनी टीम के साथ छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत और नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति देंगे। वीएम स्कूल सिरगिट्टी के बच्चों द्वारा समूह नृत्य भी प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल होंगे, जबकि अध्यक्षता कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक डॉ. रजनीश पांडेय उपस्थित रहेंगे।
पुस्तक 'बोलती परछाइयां' का विमोचन
इस अवसर पर बिलासा लोककला सम्मान राजनांदगांव की लोकगायिका हिमानी वासनिक, बिलासा साहित्य सम्मान मुंगेली के वरिष्ठ साहित्यकार नंदराम यादव तथा बिलासा सेवा सम्मान ग्राम जोंधरा के समाजसेवी ईश्वर श्रीवास को प्रदान किया जाएगा। साथ ही लेखक व पत्रकार सुरेश सिंह बैस की पुस्तक 'बोलती परछाइयां' का विमोचन भी किया जाएगा।
50 से अधिक वाद्य यंत्रों के साथ लोकसंगीत की प्रस्तुति
महोत्सव का समापन 15 मार्च को रात 7 बजे होगा। दूसरे दिन बालोद के लोककलाकार संजू सेन और उनकी टीम 50 से अधिक वाद्य यंत्रों के साथ लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा सुप्रसिद्ध लोकगायिका रेखा देवार अपनी मंडली के साथ देवार कर्मा नृत्य प्रस्तुत करेंगी। रायपुर की लोक कलाकार प्रभा कटारे और उनके 25 कलाकारों की टीम बारहमासी गीत-संगीत, नृत्य और आदिवासी नृत्य का प्रदर्शन करेगी।
समापन में मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम अरुण साव होंगे
समापन समारोह के मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री अरुण साव होंगे। अध्यक्षता बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला करेंगे, जबकि गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
'अरपा से अलास्का तक' का विमोचन
इस अवसर पर बिलासा लोककला सम्मान रायपुर की लोकगायिका मंजू श्रीवास, बिलासा साहित्य सम्मान रायगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार बसंत राघव और बिलासा सेवा सम्मान बिलासपुर के समाजसेवी एवं स्वयंसिद्धा फाउंडेशन के अध्यक्ष चंचल सलुजा को प्रदान किया जाएगा। साथ ही बिलासा कला मंच के अध्यक्ष महेश श्रीवास द्वारा लिखित यात्रा संस्मरण 'अरपा से अलास्का तक' का विमोचन भी किया जाएगा।