भाटापारा में रामनवमी पर भगवान राम-लक्ष्मण की भव्य रथयात्रा निकली। हजारों श्रद्धालु शामिल हुए, पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर 10 किलो से ज्यादा खतरनाक सामान जब्त किया।

तुलसीराम जायसवाल- भाटापारा। रामनवमी पर्व पर भाटापारा शहर में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। सती मंदिर से भगवान राम-लक्ष्मण की भव्य रथ यात्रा डीजे और धूमाल के साथ निकाली गई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए महारानी चौक पहुंची और अंततः शिव मंदिर में सम्पन्न हुई। पूरे शहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और जय श्रीराम के नारों से वातावरण गूंजता रहा।

आपको बता दें कि, इस विशाल आयोजन के बीच पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी काबिल-ए-तारीफ रही। भीड़ में असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखते हुए पुलिस ने सख्त कार्रवाई की और करीब 10 किलो से अधिक वजन के लोहे, पीतल और स्टील के खतरनाक चुड़े जब्त किए, जिससे संभावित अप्रिय घटनाओं को समय रहते टाल दिया गया।

जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी रहे नदारद 
लेकिन इस पूरे आयोजन में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया। जहां पुलिस चौकन्नी रही, वहीं जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी नदारद नजर आए। इतने बड़े धार्मिक आयोजन में भाटापारा एसडीएम और तहसीलदार का कहीं भी दिखाई न देना लोगों के बीच चर्चा और नाराजगी का विषय बना रहा।

प्रशासन की अनुपस्थिति पर उठे कई सवाल
शहरवासियों का कहना है कि, जब आस्था का इतना बड़ा जनसैलाब उमड़ता है, तब प्रशासन की मौजूदगी सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि जिम्मेदारी होती है। ऐसे में अधिकारियों की गैरमौजूदगी कई सवाल खड़े करती है। भक्ति के इस पर्व में जहां जनता और पुलिस ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई, वहीं प्रशासन की अनुपस्थिति ने व्यवस्था पर सवालिया निशान जरूर लगा दिया।