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डाइट बेमेतरा में बालवाड़ी प्रशिक्षण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हुआ।

बेमेतरा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट बेमेतरा में सोमवार से शुरू हो रहे बालवाड़ी प्रशिक्षण के तीसरे चरण के प्रथम दिवस सभी प्रशिक्षार्थियों ने सुबह 10:00 बजे से 11:00 तक प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम 'परीक्षा पर चर्चा' को सुना। 

इस दौरान डाइट प्राचार्य जे के घृतलहरे, उप प्राचार्य डॉ कमल कपूर बंजारे, सहायक प्राध्यापक परसराम साहू, प्रहलाद कुमार टिकरिया, देवी प्रसाद चंदेश्वर, बालवाड़ी प्रशिक्षण के प्रभारी जी एल खुटियारे, वरिष्ठ व्याख्याता थलज कुमार साहू सहित मास्टर ट्रेनर्स शीतल बैस, विधि शर्मा, भूपेंद्र साहू, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से वसीम सर उपस्थित रहे। 

प्रशिक्षार्थियों ने सुना PM का परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम
प्रशिक्षार्थियों ने सुना PM का परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम

आत्मविश्वास ही सफलता की पहली सीढ़ी है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने परीक्षा पे चर्चा की इस एपिसोड में बताया कि, आत्मविश्वास ही सफलता की पहली सीढ़ी है। आत्मविश्वास दो शब्दों से बना हुआ है आत्म और विश्वास अर्थात स्वयं पर विश्वास होना ही आत्मविश्वास है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को परीक्षा की तैयारी व अपने आपको तरोताजा कैसे रखें, इस विषय पर बच्चों को मार्गदर्शन दिए। उन्होंने बच्चों से पूछा कि, हमें पेट भर के खाना है कि मन भर के खाना है। सभी बच्चों ने एक स्वर में उत्तर दिया कि हमें मन भर के खाना है। इस कार्यक्रम को डाइट में उपस्थित सभी प्रशिक्षार्थी बड़े ध्यानपूर्वक सुन रहे थे। 

परीक्षा पर चर्चा शिक्षा मंत्रालय की एक अभिनव पहल- डाइट प्राचार्य
डाइट प्राचार्य जे के घृतलहरे ने बताया कि, परीक्षा पर चर्चा शिक्षा मंत्रालय की एक अभिनव पहल है जिसमें प्रधानमंत्री सीधे बच्चों से ही संवाद करते हैं। प्रधानमंत्री ने बच्चों से पूछा कि सूर्योदय के पहले कौन-कौन उठ जाता है। सभी बच्चों ने हाथ ऊपर किया। आगे प्रधानमंत्री ने कहा कि, जिसको अपने ऊपर विश्वास है उसे कभी डर नहीं लगता। जिसको खुद पर विश्वास होता है, वही जीवन में आगे बढ़ता है। 

प्रशिक्षार्थियों ने सुना PM का परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम
प्रशिक्षार्थियों ने सुना PM का परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम

स्वामी विवेकानंद जी के दिए हुए विश्व प्रसिद्ध भाषण का उल्लेख 
शिकागो में स्वामी विवेकानंद जी के दिए हुए विश्व प्रसिद्ध भाषण का भी उन्होंने उल्लेख किया। जिसकी बाद में खूब तारीफ भी हुई। स्वामी विवेकानंद ने अपने शिष्य को एक चिठ्ठी में लिखा कि, मै उस समय बहुत नर्वस हो गए थे। इतने बड़े-बड़े विद्वान के सामने मैं कैसे बोलूंगा, मैं क्या बोलूंगा। फिर उन्होंने मां सरस्वती को याद किया और बोले की मेरी जितनी शक्ति है मां उसे जगा दो। उसके बाद मैं पूरे आत्मविश्वास के साथ बोला और ऐसा बोला कि, पूरी दुनियां देखती रह गई। आपने देखा होगा कि, सचिन तेंदुलकर जब शून्य पर आउट हो जाता है तो क्या वह सिर पकड़ कर बैठ जाता है? नहीं, अपने आत्मविश्वास को जगाना होता है और फिर से मैदान में आना होता है। 

हर चर्चा का उद्देश्य एक ही है, स्टूडेंट को सुनना, समझना- पीएम मोदी
प्रतियोगिता की भावना परीक्षा के लिए हमारी तैयारी को और बेहतरीन बनाता है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि, हर चर्चा का उद्देश्य एक ही है, स्टूडेंट को सुनना, समझना और साथ मिलकर कुछ न कुछ सीखना। अंत में सभी विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री को भेंट दिए, और सभी बच्चों को प्रधानमंत्री जी ने परीक्षा के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं दिए और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

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