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बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र के चंदाडांडी गांव में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर खेत की निगरानी कर रही है।

कृष्ण कुमार यादव- बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। दरअसल, कुसमी विकासखंड के करोंधा थाना क्षेत्र के चंदाडांडी गांव से सामने आया है, जहां पुलिस ने अफीम की खेती का एक और खेत बरामद किया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर खेत की निगरानी शुरू कर दी है।

मिली जानकारी अनुसार, पुलिस ने खेत के आसपास सुरक्षा घेरा बना दिया है और रात भर खेत की रखवाली करते रहे ताकि कोई सबूत नष्ट न कर सके। बताया जा रहा है कि, इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सवाल उठाए थे, जिसके बाद मामला और चर्चे में आ गया। आपको बता दें कि, गांव झारखंड की सीमा से सटा हुआ है। फिलहाल, पुलिस मामले जांच में जुटी हुई है। 1

2 खेत मालिकों सहित 7 हुए थे गिरफ्तार
गौरतलब है कि, कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी में 10 मार्च को मादक पदार्थ अफीम की 2 एकड़ की खेती मिलने के बाद हड़कंप मच गया था। मौके पर कलेक्टर एसपी सहित तमाम प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारी पहुंचे थे और कार्यवाही शुरू की थी। वहीं प्रदेश में दुर्ग के बाद बलरामपुर जिले में अफीम की खेती मिलने के बाद विपक्ष ने आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की थी। कांग्रेस ने पूर्व विधायक प्रीतम राम के नेतृत्व में जांच दल का गठन भी किया था। हालांकि मामले में पुलिस ने 2 खेत मालिकों सहित 7 संदेहियों को हिरासत में लिया था। पुलिस ने एनसीबी की मौजूदगी में सौ से अधिक मजदूर लगाकर अफीम के पौधों को उखड़वाया था। 

अफीम के सूखे फल भी बरामद
छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा से सटे त्रिपुरी में अफीम की खेती की जांच में प्रारंभिक तौर पर 2 ग्रामीणों की खेत लीज में लेकर अफीम की खेती करने का खुलसा हुआ है। अफीम की खेती में झारखंड -बिहार का कनेक्शन भी सामने आया है। आपको बता दें कि, खेती करने के लिए झारखंड के मजदूरों को काम में लगाया गया था और खेत की रखवाली करने विद्युत तरंगित तार (झटका तार) घेरावा कर किया जा रहा था। पुलिस ने खेत में लगे अफीम के पौधों को सौ से अधिक मजदूर लगाकर उखड़वाया है। इसके साथ ही मौके पर से अफीम के सूखे फल भी मिले है, जिसे  जब्त  कर लिया गया है। 

ग्रामीणों को फूलों की खेती करने का झांसा
झारखंड से सटे इलाके में अफीम की खेत मिलना पुलिस की सूचना तंत्र की नाकामी को दर्शाता है। बता दें कि, अफीम की खेती करने वालो ने पहुँचविहीन क्षेत्रों की तलाश कर ग्रामीणों को फूलों की खेती करने का झांसा दिया और बड़े पैमाने पर मादक पदार्थ की अवैध खेती कर डाली। 

सुनसान इलाकों में पहुंच रहे तस्कर
इधर, त्रिपुरी में पुलिस और एनसीबी की टीम कार्यवाही कर ही रही थी की देर शाम चंदाडांडी में भी अफीम की खेती मिलने से पुलिस अलर्ट मोड पर में आ गई है। पुलिस ने रात में ही मौके पर पहुंच खेत की रखवाली की है और गुरुवार को इस मामले की कार्यवाही में जुट गई है। यह इलाका भी पहुँचविहीन है, ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि, छत्तीसगढ़ का झारखंड से सटा हुआ इलाका सुरक्षित नहीं रह गया है। सुनसान इलाकों की पहचान कर तस्कर अब नशीले पदार्थ उगाने का गोरख काम करने से भी परहेज नहीं कर रहे है। 

अफीम की खेती ने उड़ाई पुलिस नींद
बहरहाल छत्तीसगढ़-झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में अफीम की खेती ने पुलिस की नींद हराम कर करके रख दिया है। ऐसे में अब देखने वाली बात है कि, पुलिस इस पूरे मामले का खुलासा कब तक कर पाती है। 

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