राहुल भूतड़ा - बालोद। बालोद जिले में उर्वरकों के वितरण में बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आई हैं। कलेक्टर दिव्या मिश्रा के निर्देश पर कृषि विभाग ने 16 से 29 मार्च के बीच यूरिया की असामान्य वितरण पर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में कई कृषि केंद्रों में गड़बड़ी उजागर हुई, जिसके बाद विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए स्टॉक जब्त किया और नोटिस जारी किए।
मुख्य कार्रवाई और जांच की शुरुआत
जिले में यूरिया की अचानक और असामान्य वितरण ने प्रशासन को चौकन्ना कर दिया था। इसके बाद कृषि विभाग की टीम सक्रिय हुई और रिकॉर्ड मिलान के साथ फील्ड जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि कुछ केंद्रों में वास्तविक वितरण और स्टॉक दर्ज में मेल नहीं है, जिससे बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की पुष्टि हुई।
चार कृषि केंद्रों पर छापेमार कार्रवाई
कृषि विभाग की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए उर्वरक स्टॉक को अपने कब्जे में लिया। जिन केंद्रों पर कार्रवाई की गई, वे हैं-
- किले केसार्वा सेवा कृषि केन्द्र, बेलौदी
- गांधी हार्डवेयर एवं कृषि केन्द्र, गुण्डरदेही
- राठी रासायनिक खाद भण्डार, अरमरीकला
- गांधी कृषि केन्द्र, अरमरीकला
इन सभी केंद्रों से स्टॉक जब्त कर सुपुर्दगी में लिया गया है, वहीं सभी संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
कृषि विभाग की सख्ती और आगे की कार्रवाई
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि 100% सत्यापन पूरा होने तक जांच लगातार जारी रहेगी। गड़बड़ी करने वालों पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जा रहा है। इसीलिए जिला प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ मामले की मॉनिटरिंग कर रहा है।
किसानों के हित में प्रशासन अलर्ट मोड पर
यूरिया और अन्य उर्वरकों की सही उपलब्धता किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रशासन ने संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई किसानों के हितों की सुरक्षा और पारदर्शी वितरण प्रणाली सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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