एनिशपुरी गोस्वामी- मोहला। जिले के अम्बागढ़ चौकी नगर में मंगलवार को हिंदू धर्म के सबसे बड़े धर्मगुरु, प्रात स्मरणीय सदगुरू एवं जगतगुरु रामानंदाचार्य नरेन्द्राचार्य का आगमन होने जा रहा है। नगर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में होने वाले इस विशाल एक दिवसीय समस्या मार्गदर्शन कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरों पर है। नगर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की जानकारी साझा करने जगद्गुरु रामानन्दाचार्य नरेंद्राचार्य के अनुयायियों ने प्रेसवार्ता कर एक दिवसीय कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सुबह 9 से शाम 5 बजे तक एक दिवसीय समस्या मार्गदर्शन कार्यक्रम होगा और समस्या मार्गदर्शन के लिए पर्ची सुबह 7 से 8 के समय मे ही निशुल्क वितरित होगी।
उन्होंने जगद्गुरु का अल्प परिचय देते हुए बताया कि जगद्गुरु का जन्म 21 अक्टूबर 1966 मे रत्नागिरी महाराष्ट्र के नानीज ग्राम में छोटे से किसान परिवार में हुआ। बचपन से ही माँ बाप के संस्कारों से भक्ति की ललक लगी। दत्तात्रेय भगवान तथा शेगांव के गजानन महाराज की अनुकंपा से सदगुरू काड़ सिद्धेश्वर महाराज प्राप्त हुए और गुरुकृपा से जगद्गुरुश्री को अल्प आयु मै आत्म साक्षात्कार प्राप्त हुआ। रामानंदाचार्यजी के दो ही मूल मंत्र है, तुम जिओ दूसरों को जीने में सहायता करो और सपने में भी किसीका बुरा मत सोचो। ज्ञान मार्ग से भक्ति करवाकर आपका मन शशक्त कर आपके जीवन को उज्वल बनाते हैं। इस मंगलदाई उपलक्ष्य में आप सभी भक्तजनों से निवेदन है कि वे बड़ी संख्या में उपस्थित रहकर, जगद्गुरु रामानंदाचार्य का दर्शन कर अपना जीवन कृतार्थ करें।
56 हजार भक्तों ने भरे देह दान के फॉर्म
बताया गया कि जैसे जगद्गुरु रामानंदाचार्य के आध्यात्मिक कार्य है, वैसे ही इनके महान सामाजिक कार्य है। अब तक रामानंदाचार्यजी कि दिव्य प्रेरणा से 56000 से अधिक रामानंद संप्रदाय के भक्तजनों ने देह दान के फॉर्म भरे। जिसमें अभी तक 172 देहदान अलग अलग मेडिकल कॉलेज में संपन्न हो चुके है। भारत के नेशनल हाईवे 53 निःशुल्क एंबुलैंस सेवा चल रही जिससे अब तक 18500 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। अब तक 153000 से ज्यादा हिंदू परिवार जो दूसरे धर्म में जा चुके, उनका विधिवत् घर वापसी रामानंदाचार्यजी द्वारा किया गया।
171000 से अधिक भक्तजनों ने किया निःशुल्क रक्तदान
इस साल जनवरी में रामानंदाचार्यजी के प्रेरणा से भारत वर्ष में 171000 से अधिक भक्तजनों ने निःशुल्क रक्तदान किया। जगदगुरु की प्रेरणा से निःशुल्क वेद पाठशाला द्वारा अब तक 500 से अधिक विद्वान पंडित अपने पंडिताई से देश विदेश में अच्छा खासा स्वयं रोजगार प्राप्त कर रहे। ऐसे आध्यात्मिक और सामाजिक कार्य जगदगुरु रामानंदाचार्यजी द्वारा गरीब पिछड़े पीड़ित बंधु भगिनियों के उत्थान हेतु चलाए जा रहे।
