Bihar Vidhan Sabha Bomb Threat: बिहार में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए अब सीधे विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। अदालतों के बाद अब लोकतंत्र के मंदिर को निशाना बनाने के इस धमकी भरे ईमेल ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। शुक्रवार, 13 मार्च को जैसे ही यह सूचना मिली, पूरे विधानसभा परिसर में हड़कंप मच गया। 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से महज तीन दिन पहले आई इस धमकी के बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है।
सुरक्षा घेरे में विधानसभा, एटीएस ने संभाली कमान
धमकी भरा ईमेल मिलने के तुरंत बाद डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते की टीमें विधानसभा परिसर में पहुंच गईं। एक-एक कोने और संवेदनशील हिस्सों की गहन जांच की गई। हालांकि, अब तक की जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) भी मौके पर पहुंच गया है और जांच शुरू कर दी गई है। सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि परिसर में आने जाने वाले हर व्यक्ति की कड़ी जांच की जाए।
स्पीकर प्रेम कुमार ने बुलाई आपात बैठक
विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) प्रेम कुमार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आला अधिकारियों के साथ आपात बैठक की है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए। स्पीकर ने साइबर एक्सपर्ट्स की टीम को भी सक्रिय करने का आदेश दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह ईमेल कहाँ से और किसके द्वारा भेजा गया है।
राज्यसभा चुनाव पर मंडराया खतरा?
बता दें कि बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। यह वोटिंग विधानसभा परिसर के भीतर ही आयोजित की जाएगी, जिसमें राज्य के सभी विधायक हिस्सा लेंगे। मतदान से ठीक पहले इस तरह की धमकी मिलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। माना जा रहा है कि चुनावी माहौल में दहशत फैलाने के उद्देश्य से यह ईमेल भेजा गया होगा।
अदालतों को भी मिल चुकी है बार-बार धमकी
बिहार में पिछले एक महीने के भीतर अदालतों को उड़ाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले पटना सिविल कोर्ट सहित राज्य की कई अन्य अदालतों को तीन बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। फरवरी में दो बार और मार्च की शुरुआत में एक बार ईमेल के जरिए धमाका करने की बात कही गई थी। हालांकि, हर बार जांच के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, लेकिन पुलिस अब तक इन धमकियों के पीछे के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में नाकाम रही है।
पुलिस की जांच पर उठ रहे सवाल
हैरानी की बात यह है कि बार-बार मिल रही धमकियों के बावजूद पटना पुलिस अब तक ईमेल भेजने वाले का सुराग नहीं लगा पाई है। पिछले दिनों बिहार पुलिस की एक विशेष टीम जांच के लिए राजस्थान और चेन्नई भी गई थी, लेकिन वहां से भी कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी। अब विधानसभा जैसी हाई-प्रोफाइल जगह को मिली धमकी ने पुलिस और खुफिया तंत्र की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साइबर सेल अब आईपी एड्रेस के जरिए आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।